पौड़ी। जनपद में वे-साइड इटरीज (सड़क किनारे भोजनालय) खोले जाने की योजना शुरू होने जा रही है। जिले के सभी 15 विकासखंडों में यह योजना संचालित होगी। विकास विभाग को अभी तक छह इटरीज के आवेदन प्राप्त हो चुके हैं।
ग्रामोत्थान परियोजना (रीप) ने वे-साइड इटरीज के लिए योजना तैयार की है। जिसमें यात्रियों को पहाड़ी व्यंजनों का जायका तो मिलेगा साथ ही इसमें पहाड़ी उत्पादों की भी बिक्री की जाएगी। रीप के अनुसार इटरीज संचालन के लिए स्वयं सहायता समूहों के फैडरेशन को वित्तीय सहायता भी मुहैया कराई जाएगी। इटरीज संचालन के लिए न्यूनतम 10 लाख की राशि का प्रावधान किया गया है। जिसमें छह लाख रीप मुहैया कराया जाएगा। तीन लाख तक का बैंक ऋण फेडरेशन को करना होगा और एक लाख रुपये कंवर्जेंस से प्राप्त होंगे। बताया कि अभी तक 15 विकासखंडाें के सापेक्ष छह ब्लॉकों ने आवेदन किए हैं। जिसमें नैनीडांडा से दो और रिखणीखाल, द्वारीखाल, यमकेश्वर व दुगड्डा से एक-एक आवेदन प्राप्त हुए हैं।
ऐसे बनेगा वे-साइड इटरीज
रीप परियोजना प्रबंधक कुलदीप बिष्ट की मानें तो शासन से प्राप्त गाइड लाइन के अनुसार वे-साइड इटरीज को हिमालयन भोजनालय का नाम दिया जाना है, जो कि फेडरेशन से जुड़े विभिन्न सहायता समूहों की महिलाओं की आजीविका में वृद्धि करने के उद्देश्य से संचालित की जा रही है। इटरीज को कैफे, रेस्टोरेंट की तर्ज पर आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। यह जनपद के प्रमुख सड़क मार्गों में संचालित होंगे। जिसमेें एक कक्ष महिला यात्रियों के लिए होगा। जहां वे नवजात को दूध पिलाने जैसे आदि कार्य कर सकेंगी।
क्या कहते हैं अफसर
सरकार की ओर से संचालित हिमालयन भोजनालय स्वयं सहायता समूहों के लिए महत्वपूर्ण योजना है। इससे समूहों को जहां लाभ होगा, वहीं स्थानीय उत्पादों की बिक्री भी बढ़ेगी। इसके लिए प्राप्त आवेदनों पर जल्द ही कार्य शुरू किया जाएगा। - गिरीश गुणवंत, सीडीओ पौड़ी।