थानीखाल तक करीब आठ किमी. पैदल आवाजाही को मजबूर
कोटद्वार। द्वारीखाल ब्लॉक के महरगांव में मंगलवार को अतिवृष्टि के बाद आई आपदा से ग्रामीणों की दुश्वारियां बनी हुई है। गांव में मंगलवार को भवन ढहने के कारण एक बच्चे समेत तीन लोगों की मौत हो गई थी। अतिवृष्टि से हुए भूस्खलन के कारण गांव के पैदल रास्तों और खेतों में मलबा भरा है। वहीं थानीखाल-भलगांव मुख्य मार्ग भी मलबा आने से बंद है। इससे ग्रामीणों को आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्राम प्रधान अमित नेगी ने बताया कि मार्ग बंद होने के कारण ग्रामीणों को तीन किमी की जगह थानीखाल तक करीब आठ किमी पैदल जाना पड़ रहा है। गांव के पैदल रास्ते और खेत मलबे से पटे हैं। उन्होंने बताया कि गांव की पुरानी और नई दोनों पेयजल योजनाओं की लाइनें भी क्षतिग्रस्त हो गई हैं। दोनों योजनाओं के सात से आठ पाइप मलबे में दब गए हैं।
प्रधान ने बताया कि बुधवार को पेयजल निगम के अधिकारी गांव पहुंचे और क्षतिग्रस्त लाइनों की मरम्मत का काम शुरू किया। पूर्व में गांव में 35 परिवार रहते थे, जबकि वर्तमान में 22 परिवार निवास कर रहे हैं। पेयजल निगम की जेई दीपिका सैनी ने बताया कि आपदा से क्षतिग्रस्त पेयजल लाइनों की अस्थायी मरम्मत कर आपूर्ति बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं। स्थायी मरम्मत के लिए आपदा मद से बजट की मांग की जा रही है।