चंपावत। मुख्यमंत्री की घोषणा के तहत जनपद के 74 अवशेष दूरस्थ गांवों और तोकों में शत-प्रतिशत विद्युतीकरण का काम किया जाएगा। इस परियोजना के लिए लगभग 19.22 करोड़ की राशि प्रस्तावित की गई है। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में इस परियोजना को चरणबद्ध रूप से पूरा करने का निर्णय लिया गया।
प्रथम चरण में 45 तोकों के विद्युतीकरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए लगभग 499.68 लाख की राशि का आकलन किया गया है। इस प्रस्ताव को यूपीसीएल की तकनीकी सलाहकार समिति ने तकनीकी रूप से औचित्यपूर्ण पाया है। जनहित को देखते हुए मुख्यमंत्री के निर्देश पर आकस्मिकता निधि से धनराशि स्वीकृत करने का निर्णय लिया गया है।
नियमों के अनुसार प्रथम किस्त के रूप में कुल राशि का 40 प्रतिशत 199.87 लाख अवमुक्त किए जाने पर विचार किया जा रहा है। डीएम मनीष कुमार ने बताया कि शासन के इस निर्णय से जनपद के दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले हजारों परिवारों के जीवन में उजाला पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि बिजली की सुविधा मिलने से ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका के अवसरों को भी नई मजबूती मिलेगी।