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Uttarakhand: घर की ओर बढ़ रही जंगल की आग को रोकने गई महिला, बुरी तरह झुलसने से मौत, पैंडुला गांव में हादसा

Thu, 21 May 2026 11:15 AM IST
Renu Saklani संवाद न्यूज एजेंसी, गोपेश्वर (चमोली)

सार

घर की ओर बढ़ रही जंगल की आग को रोकने गई महिला बुरी तरह झुलस गई। मौके पर ही महिला ने दम तोड़ दिया। वहीं दूसरी तरफ बेड़ूबगढ़ बिरही में बदरीनाथ हाईवे के समीप चीड़ के जंगल में लगी आग को बुझाने गए फायर वाचर की खाई में गिरने से मौत हो गई।
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जंगल में लगी आग - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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जंगल की आग की चपेट में आने से एक महिला की मौत हो गई। विकास खंड कीर्तिनगर जिला टिहरी गढ़वाल के ग्राम पंचायत पैंडुला की अंजू देवी (50 वर्ष) की जंगल की आग की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई।

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पूर्व प्रधान सुनय कुकसाल ने बताया कि महिला घर से करीब 150 मीटर दूर जंगल की तरफ से घर की ओर आ रही आग को बुझाने गई थी। आग बुझाते समय वह बुरी तरह झुलस गई और मौके पर ही दम तोड़ दिया। इसकी भनक तब लगी जब वह देर रात तक घर नहीं लौटी।

बदरीनाथ हाईवे के समीप चीड़ के जंगल में लगी आग, बुझाने गए फायर वाचर की खाई में गिरने से मौत

बुधवार रात को बेड़ूबगढ़ बिरही में बदरीनाथ हाईवे के समीप चीड़ के जंगल में लगी आग को बुझाने गया फायर वाचर पाखी जलगवाड़ गांव निवासी राजेंद्र सिंह नेगी (42) पुत्र नंदन सिंह नेगी आग से झुलस कर करीब 70 मीटर नीचे खाई में जा गिरा। ढूंढ खोज के दौरान बृहस्पतिवार को सुबह खाई में उसकी बॉडी पड़ी मिली।

बदरीनाथ वन प्रभाग के डीएफओ सर्वेश दुबे ने बताया कि बीते बुधवार को अपराह्न दो बजे चीड़ के जंगल में चट्टानी भाग पर आग भड़क गई। विभागीय अधिकारियों ने चमोली रेंज के फायर वाचरों को प्रभावित क्षेत्र में आग बुझाने के लिए जाने के निर्देश दिए।

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आग बुझाने पहुंची 15 कर्मियों की टीम में राजेंद्र सिंह भी शामिल था। अपराह्न सात बजे जब आग पर काफी हद तक काबू पा लिया गया तो सभी फायर वाचर बदरीनाथ हाईवे पर पहुंच गए, लेकिन राजेंद्र सिंह नहीं पहुंचा। फायर वाचरों ने  अधिकारियों को उसके मिसिंग होने की सूचना दी। जिस पर उन्होंने इसकी सूचना एसपी सुरजीत सिंह पंवार को दी।

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एसपी के निर्देश पर एसडीआरएफ की टीम के साथ ही वन कर्मी ढूंढ खोज में जुट गए। रात करीब साढ़े दस बजे जंगल में राजेंद्र का मोबाइल फोन बरामद हुआ, पर वह नहीं मिला। अंधेरा होने के कारण रेस्क्यू रोक दिया गया। बृहस्पतिवार को सुबह फिर रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया तो राजेंद्र सिंह करीब 70 मीटर नीचे खाई में गिरा मिला। तब तक वह दम तोड़ चुका था। बॉडी आग से झुलसी हुई है। डीएफओ का कहना है कि आग बुझाते वक्त वह चट्टान से गिर गया होगा। मौके पर मृतक के परिजन और जनप्रतिनिधि पहुंच गए हैं। लोग प्रभावित परिवार को 50 लाख का मुआवजा और एक व्यक्ति को नौकरी देने की मांग उठा रहे हैं।

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