गरुड़ तहसील क्षेत्र के अणा गांव निवासी युवक की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। गांव के निकट में जंगल में उसका शव मिला। वह दो दिन से लापता था। राजस्व पुलिस और रेगुलर पुलिस की टीम ने मौके पर जाकर मुआयना किया और शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतक के परिजनोंं ने हत्या की आशंका जताते हुए अज्ञात के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है।
बुधवार को गाय-बकरी चुगान के लिए जंगल गए लोगों ने युवक को बेसुध देखा। उन्होंने तुरंत ग्रामीणों को इसकी सूचना दी। जांच की तो युवक मृत अवस्था में था। ग्रामीणों ने पुलिस और राजस्व पुलिस को मामले की जानकारी दी। नायब तहसीलदार भूपाल गिरि, बैजनाथ के प्रभारी कोतवाल कैलाश बिष्ट, राजस्व उपनिरीक्षक रेनू भंडारी समेत अन्य पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। युवक की पहचान लक्की कुमार (22) पुत्र हरीश राम निवासी अणा के रूप में हुई। राजस्व पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा। बृहस्पतिवार को शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। नायब तहसीलदार गोस्वामी ने बताया कि परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए अज्ञात के खिलाफ तहरीर दी है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। युवक दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करता था। वह दो महीने पहले ही घर लौटा था।
17 नवंबर की रात दोस्तों के साथ बरात में गया था हरीश
मृतक के पिता हरीश राम ने बताया कि 17 नवंबर की शाम उनका पुत्र खाना खाने के बाद सोने जा रहा था। करीब 7:30 बजे उसके कुछ दोस्त घर आए और पचना गांव में बरात में चलने को कहा। पहले लक्की ने मना किया लेकिन उनके जिद करने पर वह चला गया। उसके बरात में शामिल होने की भी सूचना है लेकिन उसके बाद वह घर नहीं लौटा। उसके दोस्तों से पूछताछ की तो बताया गया कि वह पहले आ गए थे जबकि लक्की वहीं बरात में डांस कर रहा था। मंगलवार को पूरे दिन खोजबीन की गई। परिवार के सभी सदस्यों ने गांव से लेकर जंगल तक की खाक छानी लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला।
पुलिस में बताई परेशानी, कुछ देर बाद मिल गया शव
मंगलवार की रात तक खोजबीन के बाद लक्की का पता नहीं चला तो बुधवार को परिजनों ने कोतवाली बैजनाथ आकर पुलिस को मामले की सूचना दी। प्रभारी कोतवाल बिष्ट ने बताया कि परिजनों ने युवक के गुम होने की मौखिक शिकायत की थी। पुलिस खोजबीन की तैयारी कर रही थी। इसी दौरान युवक का शव मिलने की सूचना मिल गई।
आखिर जंगल में कब और कैसे पहुंचा शव
मृतक के पिता का कहना है कि जहां शव मिला है, मंगलवार को उन्होंने इस जंगल में भी खोजबीन की थी। इसी रास्ते से कई बार ऊपर-नीचे गए लेकिन तब शव नहीं दिखा। अब पता नहीं किसने इस तरह से शव यहां लाकर रख दिया। उनका कहना है कि लक्की के साथ गए दोस्तों को उसे बरात में अकेला छोड़कर नहीं आना चाहिए था।