बागेश्वर जिले में बीते 24 घंटों के दौरान मानसून की रफ्तार धीमी पड़ी, जिससे आमजन और आपदा प्रबंधन विभाग को राहत मिली। मंगलवार सुबह 8 बजे समाप्त 24 घंटों के आंकड़ों के अनुसार जिले में औसतन 2.87 मिमी बारिश दर्ज की गई।
बागेश्वर जिले में बीते 24 घंटों के भीतर मानसून की रफ्तार कुछ धीमी पड़ी है, जिससे आमजन और आपदा प्रबंधन विभाग को राहत मिली है। मंगलवार सुबह आठ बजे समाप्त हुए 24 घंटों के आंकड़ों के अनुसार जिले में औसतन 2.87 मिमी बारिश दर्ज की गई।
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इस दौरान कपकोट में सर्वाधिक 6.00 मिमी, गरुड़ में 2.00 मिमी और बागेश्वर तहसील क्षेत्र में 0.60 मिमी वर्षा हुई। बारिश थमने से नदियों के जलस्तर में गिरावट आई है। सरयू और गोमती दोनों प्रमुख नदियां चेतावनी स्तर से काफी नीचे और स्थिर बनी हुई हैं। बागेश्वर में सरयू नदी का जलस्तर 866.30 मीटर और गोमती नदी का जलस्तर 863.35 मीटर दर्ज किया गया, जबकि दोनों नदियों का चेतावनी स्तर 869.70 मीटर और खतरे का निशान 870.70 मीटर है। गरुड़ स्थित बैजनाथ बैराज का पौंड लेवल 1113.20 मीटर दर्ज किया गया, जहां से 949.72 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया जा रहा है।
बारिश और भूस्खलन के कारण जिले में वर्तमान में तीन ग्रामीण मोटर मार्ग यातायात के लिए बाधित हैं, जिन्हें खोलने के लिए मशीनरी तैनात की गई है। धैना-लखनी किमी पांच में गधेरे का जलस्तर बढ़ने से क्षतिग्रस्त। यहां अस्थायी वेंटेड कॉजवे का निर्माण कार्य गतिमान है। जैंसर-रियूनी-लखमार किमी दो में सड़क वॉशआउट होने से बंद। मार्ग को 30 सितंबर तक सुचारू करने का लक्ष्य है। कपकोट-पिंडारी ग्लेशियर किमी एक, दो, चार और पांच में मलबा और बोल्डर आने से यातायात ठप। मार्ग को आज शाम तक खोलने का कार्य जारी है।