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Almora News: पंप ऑपरेटरों की हड़ताल से 32 गांवों में पेयजल संकट

Sun, 10 May 2026 10:22 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
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द्वाराहाट। द्वाराहाट विकासखंड क्षेत्र में खीरोघाटी और टोढरा-दूनागिरी पंपिंग पेयजल योजनाओं से जुड़े पंप ऑपरेटर रविवार से टूल डाउन हड़ताल पर चले गए हैं। हड़ताल के चलते दोनों पेयजल योजनाओं से होने वाली जलापूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है जिससे 32 गांवों में पेयजल संकट गहरा गया है और करीब 20 हजार की आबादी प्रभावित हुई है।
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पेयजल आपूर्ति ठप होने से खलना, चमीनी, कुन्स्यारी, तिपौला, असगोली, सिमलगांव, छतगुल्ला, बसेरा, कूना, तल्ली कहाली, मल्ली कहाली, कुई, मैनोली, छतीना, बूंगा, धन्यारी, सलना और किरोली सहित 32 गांवों के ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लोग नदी और प्राकृतिक जलस्रोतों से पानी लाने को मजबूर हैं।
हड़ताल में विकासखंड के 13 संविदा और आउटसोर्स कर्मी शामिल हैं। जल संस्थान के अंतर्गत पिछले छह से सात वर्षों से कार्यरत संविदा और आउटसोर्स कर्मी लंबे समय से बढ़े हुए वेतन, एरियर और ईपीएफ भुगतान की मांग कर रहे हैं। कर्मियों का आरोप है कि फरवरी 2025 में आंदोलन के बाद 12 फरवरी को हुए समझौते के बावजूद अब तक उनकी मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। इससे नाराज कर्मियों ने पांच मई को उपजिलाधिकारी, विभागीय अधिकारियों और विधायक को ज्ञापन सौंपकर 10 मई से कार्य बहिष्कार की चेतावनी दी थी। कर्मियों का कहना है कि बार-बार मांग उठाने के बावजूद विभाग की ओर से कोई सकारात्मक पहल नहीं की गई जिसके चलते उन्हें हड़ताल पर जाने के लिए मजबूर होना पड़ा।
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क्या बोले लोग
पंप ऑपरेटरों की हड़ताल से पेयजल संकट गहरा गया है। लोग पानी की बूंद बूंद को तरस रहे हैं। ऐसे में विभाग को जल्द पेयजल आपूर्ति बहाल करनी चाहिए। - प्रकाश अधिकारी, ग्राम प्रधान, धन्यारी
पेयजल की समस्या उत्पन्न हो गई है। हमें नदी, नौलों से पानी लाना पड़ रहा है जिससे काफी परेशानी हो रही है। - विनोद सिंह, ग्रामीण



डींगा गांव में भी पानी को तरसे ग्रामीण


रानीखेत (अल्मोड़ा)। ताड़ीखेत विकासखंड के डींगा गांव में लंबे समय से पेयजल संकट गहराने से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है। गांव में तिपौला ग्राम समूह पेयजल योजना से पानी की आपूर्ति की जाती है लेकिन पर्याप्त पानी नहीं मिलने से करीब तीन सौ की आबादी प्रभावित हो रही है। गर्मियों में पारंपरिक जल स्रोत सूखने से स्थिति और गंभीर हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि हर घर नल योजना के तहत गांव में नल तो लगाए गए, लेकिन उनमें पानी की बूंद तक नहीं पहुंच रही। पानी की किल्लत के चलते लोगों को दूर-दराज के स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। पेयजल संकट के कारण घरेलू कार्यों के साथ पशुपालन और दैनिक दिनचर्या भी प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों ने जल निगम से गांव के लिए बड़ा टैंक बनाए जाने की मांग उठाई है।

क्या बोले ग्रामीण

गांव में आए दिन पानी की समस्या बनी रहती है। विभागों को कई बार अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है।
श्याम आर्या, प्रधान डींगा

गर्मियों में हालात बेहद खराब हो जाते हैं। कई बार दूर स्रोतों से पानी ढोना पड़ता है। हर घर नल योजना केवल कागजों तक सीमित होकर रह गई है। गांव में पानी नहीं पहुंचने से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। - भूपेंद्र आर्या, ग्रामीण
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