चौखुटिया (अल्मोड़ा)। सिमलखेत में विगत दिनों से चल रही पांडव लीला का शुक्रवार को विधिवत समापन हुआ। अंतिम दिन पांडवों ने भीष्म पितामह का तर्पण और पुष्प बाण कार्यक्रम का आयोजन किया। धार्मिक आस्था, लोकनृत्य, गायन व पारंपरिक संवादों के साथ आयोजन देर तक चला। स्थानीय कलाकारों की विशेष भूमिका रही।
आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष लीला में स्थानीय युवाओं और महिलाओं की भागीदारी उल्लेखनीय रही। बुजुर्ग कलाकारों के मार्गदर्शन और युवाओं के सहयोग से पूरा कार्यक्रम देखने योग्य रहा। उन्होंने आयोजकों ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी ग्रामीणों, स्थानीय संस्थाओं, पुलिस प्रशासन, स्वास्थ्य कर्मियों तथा दर्शकों का आभार व्यक्त किया। ग्रामीणों ने कहा कि पांडव लीला केवल धार्मिक कार्यक्रम ही नहीं बल्कि सामाजिक एकता, सांस्कृतिक संरक्षण और पीढ़ियों को जोड़ने का एक माध्यम है। उन्होंने भविष्य में भी इस परंपरा को इसी उत्साह के साथ जारी रखने का संकल्प लिया। संवाद