हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया। पुलिस दोनों पक्षों को थाने ले गई। अधिकारियों के अनुसार, मामला पहले से न्यायालय में विचाराधीन है, इसलिए आगे की कार्रवाई कोर्ट के आदेश के अनुसार की जाएगी।
घटना के बाद युवती ने पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए। उसका कहना है कि उसकी शिकायत को नजरअंदाज किया गया और उसे सुरक्षा देने के बजाय हाईवे पर छोड़ दिया गया।
युवती ने एक पुराने मामले का जिक्र करते हुए बताया कि मऊ जिले में कुछ लोगों ने उस पर केस वापस लेने का दबाव बनाया था और जान से मारने की धमकी दी थी। फिलहाल पूरे मामले की सच्चाई जांच और न्यायालय की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। एसपी आकाश पटेल ने बताया कि मामला न्यायालय के विचाराधिन है। फिलहाल शांति व्यवस्था कायम है।