चिलचिलाती धूप व उमस ने लोगों की बढ़ाई बेचैनी
चिलचिलाती धूप व उमस भरी गर्मी ने बुधवार को क्षेत्र के मैदानी और पहाड़ी क्षेत्रों में जमकर कहर बरपाया। इससे जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। अधिकतम तापमान 43 डिग्री और न्यूनतम 33 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।
सुबह आसमान में हल्के बादल दिखे, लेकिन दिन चढ़ने के साथ ही तीखी धूप व उमस ने लोगों को बेचैन कर दिया। लोगों को घरों के अंदर न सुकून मिल रहा था न ही बाहर। भीषण गर्मी के कारण लोगों का गला सूख जा रहा था। प्यास बुझाने के लिए लोग कोल्ड ड्रिक, सिरफल व नीबू पानी व अन्य तरल पदार्थ अधिक पीते रहे।
दोपहर में गांव की गली चट्टी चौराहा कस्बा बाजार व प्रमुख सड़कों पर आवागमन काफी कम दिखा। ऐसा लगने लगा, जैसे आसमान से आग बरस रही हो। चिलचिलाती धूप व उमस भरी गर्मी से हर शख्स परेशान-सा नजर आया। मजबूरी में घर से निकलने वाले युवक-युवतियां रुमाल या तौलिया से चेहरा ढंककर ही सड़कों पर आए। आवागमन करने वाले वाहनों के इंतजार में चौराहों और तिराहों पर खड़े यात्री गर्मी से बेहाल रहे।
जिला संयुक्त चिकित्सालय के नवागत डॉ. पवन कश्यप ने बताया कि गर्मी के मौसम में जरा सी लापरवाही जानलेवा बन जाती है। तेज गर्मी में होने वाली बीमारी से शरीर में पानी की कमी होने पर ब्लड प्रेशर घटने से नब्ज ढीली पड़ जाती है और फिर जुबान सूखने से समय पर इलाज न मिलने पर हार्ट अटैक का खतरा बढ़ सकता है।
दिनभर में कम से कम 10 लीटर पानी पीएं और साथ में हर समय पानी की बोतल रखें। तरबूज, खरबूजा, ककड़ी, खीरा, नारियल पानी सहित हल्की और पानी की मात्रा वाली चीजों का अधिक इस्तेमाल करें।
नेत्र चिकित्सक डॉ .अभिषेक विश्वकर्मा ने धूप से आंखों में आने वाली परेशानी को देखते हुए बताया कि आवागमन करते समय आंखों पर काला चश्मा लगाएं। जिससे आंख को राहत मिलेगी। तीखी धूप व उसम भरी गर्मी के बीच लोग पेड़ों और अन्य पुराने मकानों में अपने शरीर को राहत देने के लिए छांव की तलाश करते दिखे। सुबह आसमान में हल्के बादल दिखे, लेकिन दिन चढ़ने के साथ ही तीखी धूप व उमस ने लोगों को बेचैन कर दिया।
लोगों को घरों के अंदर न सुकून मिल रहा था न ही बाहर। भीषण गर्मी के कारण लोगों का गला सूख जा रहा था। प्यास बुझाने के लिए लोग कोल्ड ड्रिक, सिरफल व नीबू पानी व अन्य तरल पदार्थ अधिक पीते रहे। दोपहर में गांव की गली चट्टी चौराहा कस्बा बाजार व प्रमुख सड़कों पर आवागमन काफी कम दिखा। ऐसा लगने लगा, जैसे आसमान से आग बरस रही हो। चिलचिलाती धूप व उमस भरी गर्मी से हर शख्स परेशान-सा नजर आया।
मजबूरी में घर से निकलने वाले युवक-युवतियां रुमाल या तौलिया से चेहरा ढंक कर ही सड़कों पर आए। आवागमन करने वाले वाहनों के इंतजार में चौराहों और तिराहों पर खड़े यात्री गर्मी से बेहाल रहे। जिला संयुक्त चिकित्सालय के नवागत डॉ पवन कश्यप ने बताया कि गर्मी के मौसम में जरा सी लापरवाही जानलेवा बन जाती है। तेज गर्मी में होने वाली बीमारी से शरीर में पानी की कमी होने पर ब्लड प्रेशर घटने से नब्ज ढीली पड़ जाती है और फिर जुबान सूखने से समय पर इलाज न मिलने पर हार्ट अटैक का खतरा बढ़ सकता है।
दिनभर में कम से कम 10 लीटर पानी पीएं और साथ में हर समय पानी की बोतल रखें। तरबूज, खरबूजा, ककड़ी, खीरा, नारियल पानी सहित हल्की और पानी की मात्रा वाली चीजों का अधिक इस्तेमाल करें।