Varanasi News: वाराणसी एयरपोर्ट पर पिछले चार साल में सुविधाएं बढ़ीं। इसके साथ ही यात्री भी बढ़े पर वर्ल्ड रैंकिंग में गिरावट आ गई। एयरपोर्ट सर्विस क्वालिटी में साल 2022 में वाराणसी देश में पहले स्थान पर था, लेकिन 2025 में रैंकिंग घट गई।
लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पिछले चार वर्षों में यात्री सुविधाओं का लगातार विस्तार हुआ है। उड़ानों की संख्या बढ़ी, नए रूट भी जुड़े। कई आधारभूत सुविधाएं विकसित की गईं और वर्तमान में विस्तारीकरण भी किया जा रहा है। इसके बावजूद एयरपोर्ट सर्विस क्वालिटी (एएसक्यू) के प्रदर्शन में 2022 जैसी स्थिति दोबारा हासिल नहीं हो सकी। 2022 में एयरपोर्ट को देश में पहला स्थान मिला था, वहीं 2025 में इसकी रैंकिंग घटकर चौथे स्थान पर आ गई।
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यह रैंकिंग एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया की ओर से हर तिमाही पर जारी की जाती है। इस साल की रिपोर्ट आनी अभी बाकी है। साल 2022 में वाराणसी एयरपोर्ट को 5 में से 4.96 अंक मिले थे और इसे देश के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले एयरपोर्ट में शामिल किया गया था। इसके बाद एयरपोर्ट पर सुविधाओं के विस्तार का सिलसिला जारी रहा।
यात्रियों के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित की गईं, टर्मिनल की क्षमता बढ़ाई गई, नई उड़ानें शुरू हुईं और वार्षिक यात्री संख्या भी लगातार बढ़ती गई। इसके बावजूद एएसक्यू रैंकिंग में 2022 जैसा प्रदर्शन बरकरार नहीं रह सका। वर्ष 2024 में वाराणसी एयरपोर्ट की वैश्विक एएसक्यू रैंकिंग 66वीं रही, जबकि 2025 में इसमें कुछ सुधार हुआ और एयरपोर्ट 62वें स्थान पर पहुंच गया। हालांकि, सुधार के बावजूद एयरपोर्ट अभी भी 2022 के अपने सर्वोच्च प्रदर्शन से काफी पीछे है।
एयरपोर्ट के अधिकारियों के अनुसार, केवल आधारभूत ढांचे का विस्तार ही पर्याप्त नहीं होता। यात्रियों को चेक-इन, सुरक्षा जांच, प्रतीक्षा समय, साफ-सफाई, स्टाफ का व्यवहार, बैगेज डिलीवरी और समग्र यात्रा अनुभव जैसे मानकों पर बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना भी रैंकिंग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। एयरपोर्ट निदेशक पुनीत गुप्ता ने बताया कि इस समय एयरपोर्ट का विस्तारीकरण किया जा रहा है। इस बार की रैंकिंग अभी जारी नहीं हुई है। रैंकिंग के कई मानक होते हैं, जिनमें कुछ कमियां रह गई होंगी। आने वाले समय में वाराणसी एयरपोर्ट फिर से देश में पहला स्थान प्राप्त करेगा।