परिजनों के अनुसार, अधीक्षक ने बेड न होने की वजह से ही जमीन पर लिटाने की बात कही। इस बारे में सीएचसी अधीक्षक डॉ. रामबली सिंह ने पहले तो इस तरह की कोई बात न होने की जानकारी दी, फिर जब फोटो होने की बात सामने आई तो नसबंदी की प्रक्रिया बताते हुए महिलाओं के जमीन पर लिटाए जाने की बात स्वीकारी।
सीएचसी पर महिलाओं को जमीन पर लिटाना बहुत गंभीर मामला है। 30 बेड वाली सीएचसी पर अगर बेड नहीं था तो अधीक्षक को इसकी वैकल्पिक व्यवस्था भी करनी चाहिए थी। ऐसा न करना घोर लापरवाही है। मामले में अधीक्षक से स्पष्टीकरण तलब किया जाएगा। संतोषजनक जवाब न आने पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। - डॉ.संदीप चौधरी, सीएमओ