निपुण आकलन के जो परिणाम जारी हुए हैं उनमें सबसे खराब स्थिति वाराणसी मंडल के जौनपुर जिले की है। इस जिले से सबसे ज्यादा 2345 विद्यालयों ने परीक्षा में प्रतिभाग किया था। इनमें से सिर्फ 243 विद्यालयों ने ही सफलता पाई। वहीं, वाराणसी का परिणाम भी बहुत खराब रहा। यहां 981 विद्यालयों में से सिर्फ 139 ही निपुण हुए हैं।
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अक्तूबर में जारी परिणाम के अनुसार वाराणसी प्रदेश के टॉप 5 जिलों में था
अक्तूबर 2025 में जारी परिणाम के अनुसार वाराणसी में 82.62 फीसदी बच्चे निपुण रहे। प्रदेश के टॉप 5 जिलों में वाराणसी का चौथा स्थान रहा। इसके अलावा 84.31 फीसदी पाकर कन्नौज पहले स्थान पर, 83.26 फीसदी के साथ महाराजगंज दूसरे स्थान पर, 83.03 फीसदी पाकर बिजनौर तीसरे स्थान पर रहा। वाराणसी चौथे और 81.89 फीसदी पाकर अंबेडकर नगर पांचवें स्थान पर रहा।
अधिकारी बोले
निपुण लक्ष्य को पूरा करने के लिए इस बार योजनाबद्ध तरीके से काम किया जा रहा है। बच्चों को श्रेणीवार तरीके से बांटकर उनके स्तर के अनुसार पढ़ाया जाएगा। उन्हें शत-प्रतिशत निपुण बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। इसके लिए सभी बीएसए को निर्देश जारी किए जाएंगे। -हेमंत राव, एडी बेसिक वाराणसी मंडल