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दहशत: छह किमी के दायरे में पांच दिन से घूम रहा तेंदुआ, वन विभाग के हाथ खाली; सिर्फ फुटप्रिंट तलाशे जा रहे

Tue, 27 Oct 2026 05:28 AM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

वाराणसी में छह किलोमीटर की परिधि में पिछले पांच दिनों से तेंदुए की चहलकदमी से लोगों में दहशत है। लगातार तेंदुए की मौजूदगी की खबरों के बावजूद वन विभाग अब तक उसकी पहचान नहीं कर पाया है। इलाके में खौफ का माहौल है। लोग सतर्कता बरत रहे हैं, जबकि तेंदुए को पकड़ने की कोशिशें जारी हैं।
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वाराणसी में तेंदुए की दहशत। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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रिहायशी और छावनी क्षेत्र से सटी छह किलोमीटर की परिधि में पिछले पांच दिनों से एक तेंदुआ लगातार घूम रहा है। दिन ढलते ही तेंदुए की मौजूदगी से इलाके में दहशत फैल जा रही है। छावनी क्षेत्र के सेंट मैरी स्कूल से लेकर 39 जीटीसी और अन्य स्थानों पर तेंदुआ स्थानीय नागरिकों दिखाई दे रहा है। लेकिन सूचना मिलने के घंटों बाद पहुंचने वाली वन विभाग की टीम केवल जमीन पर पदचिह्न (फुटप्रिंट) तलाशने तक ही सीमित नजर आ रही है।

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प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तेंदुआ स्कूल परिसर की दीवारों, खाली प्लॉटों और झाड़ियों के बीच बेखौफ घूम रहा है। कई लोगों ने रात के समय में वाहनों की रोशनी पड़ते ही उसे छलांग लगाकर अंधेरे में ओझल होते देखा। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि उन्होंने कई बार वन विभाग को सटीक लोकेशन और समय की जानकारी दी, लेकिन मौके पर पहुंचे कर्मी केवल औपचारिकता निभाते रहे। पक्के रास्तों और कंक्रीट के फर्श पर फुटप्रिंट न मिलने का हवाला देकर वनकर्मी ठोस कार्रवाई से बचते दिखे हैं।

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बीते रविवार को तेंदुआ 39 जीटीसी क्षेत्र में कुछ देर के लिए दिखाई दिया, लेकिन वनकर्मियों के पहुंचते ही भाग निकला। हालांकि वन विभाग अभी तक पुष्टि नहीं कर पाया है कि वह तेंदुआ है या और कोई जंगली जानवर है। पांच दिनों से जारी इस लुकाछिपी के कारण इलाके के लोगों का शाम के बाद घर से निकलना बंद हो गया है। अभिभावक बच्चों को बाहर भेजने से डर रहे हैं।

बीते बृहस्पतिवार को भोर में सेंट मैरी स्कूल के सीसीटीवी में तेंदुआ नजर आने के बाद से अभी तक कुल तीन बार वन विभाग में शिकायत पहुंची है, लेकिन अभी तक वन कर्मियों के पहुंच से बाहर है।
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कागज नहीं दिखा सके लीला आयोजक
रामनगर में हाथी द्वारा महावत की मौत के बाद भी वन विभाग किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं कर सका है। विभाग की ओर से हाथी के प्रयोग पर पाबंदी लगाई गई है। जिसके कारण रविवार को अंतिम दिन बिना हाथी के लीला हुई। वहीं इसके विपरीत रामलीला आयोजक हाथी के प्रयोग से संबंधित किसी प्रकार के अनुमति का लिखित आदेश वन विभाग के समक्ष प्रस्तुत नहीं कर सके हैं।

वन विभाग की ओर से लगातार सीसीटीवी से लेकर ड्रोन से निगरानी की जा रही है। 39 जीटीसी में जहां तेंदुए की सूचना मिली थी, वहां कुत्ते के पदचिह्न मिले हैं। एक टीम को तेंदुए के लिए ही लगाया गया है। अभी तक वह तेंदुआ है या कोई और जानवर, यह भी स्पष्ट नहीं है। कई बार अंधेरे में जानवर पहचान होने से पहले ही भाग जाते हैं। - निधि चौहान, डीएफओ।
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