बीते रविवार को तेंदुआ 39 जीटीसी क्षेत्र में कुछ देर के लिए दिखाई दिया, लेकिन वनकर्मियों के पहुंचते ही भाग निकला। हालांकि वन विभाग अभी तक पुष्टि नहीं कर पाया है कि वह तेंदुआ है या और कोई जंगली जानवर है। पांच दिनों से जारी इस लुकाछिपी के कारण इलाके के लोगों का शाम के बाद घर से निकलना बंद हो गया है। अभिभावक बच्चों को बाहर भेजने से डर रहे हैं।
बीते बृहस्पतिवार को भोर में सेंट मैरी स्कूल के सीसीटीवी में तेंदुआ नजर आने के बाद से अभी तक कुल तीन बार वन विभाग में शिकायत पहुंची है, लेकिन अभी तक वन कर्मियों के पहुंच से बाहर है।
कागज नहीं दिखा सके लीला आयोजक
रामनगर में हाथी द्वारा महावत की मौत के बाद भी वन विभाग किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं कर सका है। विभाग की ओर से हाथी के प्रयोग पर पाबंदी लगाई गई है। जिसके कारण रविवार को अंतिम दिन बिना हाथी के लीला हुई। वहीं इसके विपरीत रामलीला आयोजक हाथी के प्रयोग से संबंधित किसी प्रकार के अनुमति का लिखित आदेश वन विभाग के समक्ष प्रस्तुत नहीं कर सके हैं।
वन विभाग की ओर से लगातार सीसीटीवी से लेकर ड्रोन से निगरानी की जा रही है। 39 जीटीसी में जहां तेंदुए की सूचना मिली थी, वहां कुत्ते के पदचिह्न मिले हैं। एक टीम को तेंदुए के लिए ही लगाया गया है। अभी तक वह तेंदुआ है या कोई और जानवर, यह भी स्पष्ट नहीं है। कई बार अंधेरे में जानवर पहचान होने से पहले ही भाग जाते हैं। - निधि चौहान, डीएफओ।