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UP: फर्जी मार्कशीट और सर्टिफिकेट बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़, दो गिरफ्तार; नकली वेबसाइट से करते थे खेल

Thu, 26 Mar 2026 05:27 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़।

सार

Azamgarh News: एसटीएफ ने उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में दो शातिरों को गिरफ्तार किया है। ये लोग नकली वेबसाइट बनाकर इस पर ऑनलाइन रिजल्ट अपलोड भी करते थे। इनके धंधे का पूरा इतिहास खंगाला जा रहा है।
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शशि प्रकाश राय उर्फ राजन शर्मा उर्फ शनि और मनीष कुमार राय गिरफ्तार। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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UP News: उत्तर प्रदेश एसटीएफ को बड़ी सफलता हाथ लगी है। फर्जी शैक्षिक दस्तावेज तैयार कर लोगों को ठगने वाले गिरोह के दो सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई बुधवार को थाना बरदह क्षेत्र के ग्राम सुहौली में की गई। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शशि प्रकाश राय उर्फ राजन शर्मा उर्फ शनि और मनीष कुमार राय के रूप में हुई है। दोनों आजमगढ़ जनपद के निवासी हैं और लंबे समय से फर्जी मार्कशीट, सर्टिफिकेट और अन्य दस्तावेज तैयार करने के धंधे में लिप्त थे।

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एसटीएफ की पूछताछ में मुख्य आरोपी शशि प्रकाश राय ने बताया कि वह दिल्ली से बीएससी कर चुका है और पिछले कई वर्षों से इस अवैध कारोबार में सक्रिय था। उसने अपने ममेरे भाई मनीष के साथ मिलकर एक संगठित गिरोह बना रखा था। गिरोह सोशल मीडिया और फर्जी वेबसाइट्स के जरिए ग्राहकों से संपर्क करता था। 

खास बात यह थी कि इन्होंने असली वेबसाइट जैसी दिखने वाली नकली वेबसाइट बनाकर उस पर फर्जी मार्कशीट का “ऑनलाइन रिजल्ट” भी अपलोड कर रखा था, जिससे दस्तावेज पूरी तरह असली प्रतीत होते थे। आरोपियों ने अब तक 6 से 7 हजार से अधिक फर्जी दस्तावेज तैयार करने की बात कबूली है। यह प्रति दस्तावेज 15 से 20 हजार रुपये वसूलते थे और दस्तावेज कूरियर के जरिए भेजते थे। कई लोगों ने इन फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर नौकरी भी हासिल कर ली।

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एसटीएफ द्वारा की गई बरामदगी
  • 217 फर्जी मार्कशीट, सार्टीफिकेट व अन्य शैक्षिक दस्तावेज
  • 42 फर्जी मोहर
  • 5 सीपीयू, 4 एंड्रॉयड मोबाइल और 10 अन्य मोबाइल फोन
  • 2 पेन ड्राइव, 10 रजिस्टर
  • 1 यूपीआई क्यूआर स्कैनर
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पहले से दर्ज था मामला
इस पूरे मामले की शुरुआत तब हुई जब माध्यमिक शिक्षा परिषद की आधिकारिक वेबसाइट से मिलती-जुलती फर्जी वेबसाइट्स सामने आईं। इस संबंध में प्रयागराज के साइबर थाने में पहले ही मुकदमा दर्ज कराया गया था, जिसकी जांच एसटीएफ को सौंपी गई थी।दोनों आरोपियों के खिलाफ साइबर थाना प्रयागराज में विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। स्थानीय पुलिस आगे की वैधानिक कार्रवाई में जुटी है।

थाना प्रभारी ने जानकारी से किया इंकार: बरदह थाना प्रभारी राजीव कुमार सिंह ने बताया कि एसटीएफ की ओर से उन्हें कोई सूचना नहीं दी गई है। अगर वहां से सूचना मिलती है इनका आपराधिक रिकार्ड खंगाला जाएगा।
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