बीएचयू के सेंट्रल लाइब्रेरी में लगी आग
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बीएचयू की साइबर लाइब्रेरी के यूपीएस कक्ष में शुक्रवार सुबह आठ बजे के आसपास आग लग गई। इस समय यहां 400 छात्र और छात्रा कंप्यूटर पर अध्ययन कर रहे थे। जैसे धुएं का गुबार दिखा तो छात्र सीढि़यों की ओर से भागे। बिजली निगम के कंट्रोल रूम में फोन न लगने से पावर देर से कटा।
इस दौरान में आग में गर्म हुईं बैटरी जोर के धमाके के साथ फटती रहीं। कक्ष में रखे इलेक्ट्रिक सामान और फर्नीचर जलकर राख हो गए। फायर ब्रिगेड की तीन गाड़ियां 45 मिनट बाद पहुंची और 30 मिनट में आगे पर काबू पाया जा सका।
जांच में सामने आई ये बात
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि लाइब्रेरी के यूपीएस और बैटरियों में शॉर्ट सर्किट होने के चलते आग लगी। बाकी जांच पूरी होने के बाद ही पुष्टि हो सकेगी। हालांकि कोई भी छात्र हताहत नहीं हुआ लेकिन साइबर लाइब्रेरी सहित पूरा सर्वर भी बंद कर दिया गया। बिजली के की ओर से क्लियरेंस मिलने के बाद ही साइबर लाइब्रेरी खोली जाएगी।
आग से बचकर निकले कई छात्रों ने प्रशासनिक लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि बिजली काटने के लिए कहा गया तो जवाब मिला कि अधिकारी फोन नहीं उठा रहे हैं। छात्राें ने कहा कि लाइब्रेरी की एंट्री और एग्जिट पॉइंट दोनों एक ही थे। इसलिए छात्रों को भागने में काफी दिक्कत आई। वहीं आग से बचने के लिए अत्याधुनिक उपकरण नहीं लगे हैं। छात्रों ने मांग रखी कि 50 हजार लोगों के कैंपस में अपनी फायर ब्रिग्रेड की गाड़ियां होनी चाहिए।