आठ मई काे सहायक विकास अधिकारी (सहकारिता), सहायक विकास अधिकारी (पंचायत), संबंधित सचिव, ग्राम प्रधान, शिकायतकर्ता सुषमा सिंह, विवेक सिंह तथा अन्य ग्रामीणों की मौजूदगी में स्थलीय जांच की गई। जांच टीम ने पाया कि सुषमा सिंह दिव्यांग हैं और अपने पैतृक घर में भाभी के साथ रहती हैं।
उनके घर के पूर्व दिशा में स्वच्छ भारत मिशन फेस-2 के अंतर्गत निर्मित शौचालय भी मिला। अभिलेखीय जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि शौचालय निर्माण के लिए पहली किश्त 13 मार्च 2024 को छह हजार रुपये तथा दूसरी किश्त 30 अगस्त 2024 को छह हजार रुपये उनके खाते में भेजी जा चुकी है।
हालांकि जांच में यह भी सामने आया कि पूर्व में सचिव द्वारा दी गई रिपोर्ट में सुषमा सिंह को विवाहित बताते हुए विवेक सिंह की पत्नी दर्शाया गया था, जबकि ग्रामीणों और परिजनों ने स्पष्ट किया कि विवेक सिंह उनके चचेरे भाई हैं। अधिकारियों ने इसे असत्य, भ्रामक और निंदनीय माना है।
इस पर बीडीओ ने गलत रिपोर्ट देने पर ग्राम पंचायत सचिव, प्रधान और पंचायत सहायक से स्पष्टीकरण तलब किया। साथ ही अपनी जांच रिपोर्ट डीएम को सौंप दी है। शुक्रवार को दिव्यांग सुषमा सिंह डीएम से मिलीं और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।