फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

डेंगू जांच के नाम पर मनमानी: सरकारी में मुफ्त, निजी लैब में 2100 रुपये में जांच, ऑनलाइन रेट 6300

Sat, 22 Aug 2026 09:39 AM IST
Pragati Chand अभिषेक सेठ, संवाद न्यूज एजेंसी, वाराणसी

सार

वाराणसी में डेंगू जांच पर रेट का खेल चल रहा है। यहां 50 मीटर पर जांच के रेट बदल रहे हैं। जहां सरकारी में मुफ्त जांच हो रहा, वहीं निजी लैब में 2100 रुपये में जांच किया जा रहा है। 
Register For Event
विज्ञापन
डेंगू जांच - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

वाराणसी जिले में मौसम में बदलाव के साथ डेंगू का खतरा मंडराने लगा है। सरकारी और निजी अस्पतालों में बुखार, सिर दर्द, जोड़ों में दर्द के मरीजों को डॉक्टर एलाइजा जांच लिख रहे हैं। सरकारी अस्पतालों में यह जांच तो मुफ्त हो रही है, लेकिन निजी लैब इसके लिए 1000 से 2100 रुपये तक मरीजों से वसूल रहे हैं। इतना ही नहीं ऑनलाइन बुकिंग प्लेटफॉर्म पर यही जांच पांच हजार से 6300 रुपये में हो रही है। 

विज्ञापन


शुक्रवार को हुई पड़ताल में निजी लैब संचालकों का ये खेल सामने आया। सरकारी अस्पतालों के बाहर 50 मीटर की दूरी पर स्थित लैब के जांच रेट में काफी अंतर आ जाता है। कबीरचौरा क्षेत्र में डेंगू जांच के लिए रेट पूछे जाने पर एक लैब के कर्मचारियों ने 1200 बताया तो वहीं 30 मीटर की दूरी पर दूसरे लैब वाले ने डेंगू जांच के लिए 1500 रुपये रेट बताया। 

वहीं, चिरईगांव क्षेत्र में लैब के एक कर्मचारी ने बताया कि डेंगू के सभी जांच के लिए 2100 रुपये लगेंगे। इसी तरह रोहनिया, रामनगर, चौबेपुर, मिर्जामुराद, राजातालाब में भी करीब यही रेट लैब संचालकों ने बताए। इतना ही नहीं स्वास्थ्य विभाग की ओर से सभी लैब संचालकों को सभी जांच के लिए रेट भी चस्पा करने के निर्देश दिए गए हैं। लेकिन धरातल पर अधिकतर लैब ने रेट बोर्ड नहीं लगाया है।  

विज्ञापन

केस - 1
चोलापुर के धीरज कुमार को एक सप्ताह से बुखार की शिकायत थी। सीएचसी पर इलाज के दौरान डॉक्टर ने डेंगू जांच कराने के लिए लिखा। अस्पताल में भीड़ होने के कारण उन्होंने निजी लैब में जांच कराई। इसके लिए उन्हें 1700 रुपये खर्च करने पड़े।

केस - 2
काशीपुरा की सोनाली को 10 दिनों से सिरदर्द और बुखार था। मैदागिन के एक निजी चिकित्सक ने उन्हें डेंगू टेस्ट कराने को कहा। उन्होंने पहले ऑनलाइन चेक किया तो वहां 5000 रुपये चार्ज दिखा रहा था। इसके बाद उन्होंने कबीरचौरा के पास एक निजी लैब में जांच कराई। उन्हें इसके लिए 1500 रुपये देने पड़े।

ऑनलाइन बुकिंग और पैकेज के नाम पर खेल
घर बैठे सैंपल कलेक्शन की सुविधा देने वाली विभिन्न ऑनलाइन डायग्नोस्टिक कंपनियों के एप और पोर्टल पर डेंगू जांच के लिए 4000-6000 रुपये तक ले रहे हैं। कई जगह एनएस-1 और आईजीएम को अलग-अलग बताकर या फिर 'फीवर प्रोफाइल' और 'डेंगू कॉम्प्रिहेंसिव पैकेज' के नाम पर मरीजों से मोटी रकम वसूली जा रही है। मजबूरी में गंभीर मरीज और उनके तीमारदार बिना सवाल किए इन दरों पर जांच करा रहे हैं।

एलाइजा टेस्ट ही क्यों माना जाता है मानक?
नीमा के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. ओपी सिंह बताते हैं कि रैपिड कार्ड टेस्ट में कई बार गलत रिपोर्ट आने की संभावना रहती है। वहीं, एलाइजा तकनीक वायरस के एंटीजन और एंटीबॉडी की सटीक पहचान करती है, जिसे राष्ट्रीय स्वास्थ्य मानकों के तहत आधिकारिक माना जाता है।

क्या है स्वास्थ्य विभाग द्वारा निर्धारित रेट
एनएस1 एंटीजन टेस्ट (एलाइजा आधारित) : अधिकतम 600 से 1200 रुपये
आईजीएम/आईजीजी एंटीबॉडी टेस्ट (एलाइजा आधारित): अधिकतम 600 से 1200 रुपये
सीबीसी/प्लेटलेट काउंट : अधिकतम 150 से 250 रुपये
 

शासन की ओर से तय किए गए शुल्क का पालन करना सभी को अनिवार्य है। तय दर से ज्यादा शुल्क वसूलने या मरीजों का शोषण करने की शिकायत मिलने पर संबंधित लैब का लाइसेंस रद्द और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. एनपी सिंह, सीएमओ

विज्ञापन

कब कितने मिले डेंगू के मरीज

वर्ष - मरीजों की संख्या
2022 - 562
2023 - 451
2024 - 429
2025 - 229
2026 - 15 (जनवरी से 21 अगस्त)
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें