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मुश्किल में सफर: पटना से वाराणसी के बीच बने 10 पुल रोकते हैं क्रूज का रास्ता, बाधा दूर करते की तैयारी

Fri, 18 Sep 2026 10:50 AM IST
Pragati Chand अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

पटना से वाराणसी के बीच बने 10 पुल बड़े जहाजों और क्रूज का रास्ता रोकते हैं। वर्टिकल क्लीयरेंस न होने से पटना में ही  राजमहल क्रूज रुक गया। क्लीयरेंस कम से कम 12 मीटर होना चाहिए।
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एमवी राजमहल क्रूज - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राष्ट्रीय जलमार्ग-1 प्रयागराज से हल्दिया के बीच गंगा की सतह में मौजूद बड़े पत्थर ही बाधक नहीं हैं, बल्कि गंगा में बने कुछ पुल भी बाधक हैं। इस राजमार्ग पर क्रूज और बड़े जहाजों का रास्ता पटना से वाराणसी के बीच 10 पुल रोकते हैं। पुल का वर्टिकल क्लीयरेंस मानक के अनुरूप नहीं है। गंगा में पानी बढ़ने के दौरान वर्टिकल क्लीयरेंस कम से कम 12 मीटर होना चाहिए। वर्टिकल क्लीयरेंस न होने से ही राजमहल क्रूज को पटना से ही कोलकाता लौटना पड़ा।

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रामनगर में साल 2018 में बनकर तैयार हुए रामनगर बंदरगाह पर बड़े जहाजों का आवागमन नहीं हो रहा है। इसकी बड़ी वजह गंगा में पानी की कमी और गाजीपुर से बनारस के बीच 19 किलोमीटर तक हार्ड स्टेटा यानी नदी के तल में कठोर मिट्टी की परतें हैं। ये बड़े जहाजों को बनारस आने से रोक रहीं हैं। यही नहीं मौजूदा समय में गंगा में बाढ़ जैसे हालात हैं। पानी बढ़ गया है। 

पटना से लेकर वाराणसी तक गंगा में 10 पुल हैं जिनकी ऊंचाई क्रूज के आवागमन के लिए मानक से कम है। भारतीय अंतरदेशीय जलमार्ग प्राधिकरण (आईडब्ल्यूएआई) के मानकों के अनुरूप पुल का वर्टिकल क्लीयरेंस कम से कम 12 मीटर होनी चाहिए। वर्टिकल क्लीयरेंस न होने के कारण हाल ही में 36 विदेशी पर्यटकों को लेकर काशी आ रहा एमवी राजमहल क्रूज पटना से ही लौट गया।

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पटना से वाराणसी के बीच पुल व उनकी वर्टिकल क्लीयरेंस
  • महात्मा गांधी सेतु, पटना - 12 मीटर
  • दीघा-पहलेजा रोड-कम-रेल पुल, पटना - 12 मीटर
  • वीर कुंवर सिंह/डोरीगंज रोड ब्रिज, छपरा - 10 मीटर
  • श्रीरामपुर घाट रोड ब्रिज, बलिया - 10 मीटर
  • बक्सर रोड ब्रिज, बक्सर - 9.45 मीटर
  • गाजीपुर रोड ब्रिज, गाजीपुर - 10.68 मीटर
  • जमानिया रोड ब्रिज, जमानिया - 15.87 मीटर
  • सैदपुर रोड ब्रिज, सैदपुर - 15.80 मीटर
  • बलुआघाट रोड ब्रिज, वाराणसी - 9.90 मीटर
  • रोड-कम-रेल ब्रिज राजघाट/मालवीय पुल, वाराणसी - 6.56 मीटर
  • सामनेघाट रोड ब्रिज, वाराणसी - 10 मीटर
  • विश्वसुंदरी रोड ब्रिज, रामनगर - 13 मीटर
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राजघाट की वर्टिकल क्लीयरेंस सबसे कम
आईडब्ल्यूएआई की सूची में वाराणसी के राजघाट पुल की वर्टिकल क्लीयरेंस अभी महज 6.56 मीटर है, जो सबसे कम है। विभाग की ओर से राष्ट्रीय राजमार्ग-1 पर इस पुल को क्रिटिकल ब्रिज की श्रेणी में रखा गया है। अधिकारियों ने बताया कि कि 10 मीटर से कम वर्टिकल क्लीयरेंस कुछ दिनों के लिए ही रहती है। जलस्तर के साथ वास्तविक क्लीयरेंस बदलती है।

बाधाएं दूर करने के लिए बनाया जा रहा जल हाईवे
आईडब्ल्यूएआई के अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय जलमार्ग-1 पर क्रूज व बड़े मालवाहकों के सुचारू संचालन के लिए ही जल हाईवे यानी पानी के भीतर नैविगेशन चैनल बनाया जा रहा है। इससे पानी के अंदर करीब 2.50 मीटर एक ऐसा रास्ता तैयार किया जाएगा, जिससे क्रूज आसानी से आ-जा सकेंगे। उनके रास्ते में कोई बाधा नहीं आएगी।

गंगा में पानी बढ़ने के कारण वर्टिकल क्लीयरेंस कम हुई है। गंगा की सतह में जो रुकावटें हैं उसे दूर करने के लिए ड्रेजिंग के साथ ही नेविगेशन चैनल बनाया जा रहा है। यह काम पूरा होते ही क्रूज के लिए रास्ते खुल जाएंगे और संचालन आसान होगा। -संजीव शर्मा, निदेशक, आईडब्ल्यूएआई

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