सुल्तानपुर। ब्रेन ट्यूमर को अक्सर सामान्य सिरदर्द समझकर नजरअंदाज कर दिया जाता है। इससे लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। प्रारंभिक पहचान व जागरूकता बढ़ने से इस बीमारी से बचा जा सकता है।
जिले में इस बीमारी के इलाज की कोई व्यवस्था नहीं है। मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में इससे मिलते-जुलते लक्षण के मरीजों के आने पर सीटी स्कैन कराया जाता है। इसके बाद ब्रेन ट्यूमर के लक्षण मिलने पर मरीजों को हायर सेंटर रेफर कर दिया जाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अधिकतर मामलों में ब्रेन ट्यूमर का सटीक कारण अज्ञात होता हैं। मेडिकल कॉलेज के मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. राम अनुज वर्मा ने बताया कि लगातार सिरदर्द यह सबसे आम लक्षण होता है। अक्सर सुबह के समय दर्द अधिक होता है और दवाओं से आराम नहीं मिलता। अचानक शरीर में झटके आना या बेहोशी का दौरा पड़ना। धुंधला दिखाई देना, दोहरी दृष्टि, आंखों के सामने अंधेरा छाना या सुनने में दिक्कत होना।
शरीर के किसी एक हिस्से (हाथ या पैर) में कमजोरी या सुन्नपन का अहसास होना। याददाश्त कमजोर होना, भ्रम की स्थिति या स्वभाव में अचानक बदलाव आना। चलते समय लड़खड़ाना, चक्कर आना या शारीरिक गतिविधियों पर नियंत्रण कम होना। शब्दों को ठीक से न बोल पाना या हकलाना इसके प्रमुख लक्षण हैं।
बचाव के उपाय
इससे बचाव के लिए बहुत अधिक सीटी स्कैन व एक्सरे कराने से बचें। इनके रेडिएशन का असर मस्तिष्क की कोशिकाओं पर पड़ सकता है। कार्यस्थल पर हानिकारक रसायनों, कीटनाशकों और औद्योगिक सॉल्वैंट्स के संपर्क में आने से बचें। अपने आहार में ताजे फल, हरी सब्जियां, व साबुत अनाज शामिल करें। बहुत अधिक चीनी वाले खाद्य पदार्थों और तली-भुनी चीजों से परहेज करें। तंबाकू और धूम्रपान से दूर रहें तथा शराब का सेवन न करें। योग, ध्यान व गहरी सांस लेने के व्यायाम से मानसिक तनाव को नियंत्रित रखें। नई चीजें सीखें, किताबें पढ़ें, पहेलियां सुलझाएं और सामाजिक रूप से सक्रिय रहें।
जांच कराकर किया जाता है प्राथमिक उपचार
मेडिकल कॉलेज में ब्रेन ट्यूमर के मरीजों की इलाज की व्यवस्था नहीं है। यहां आने वाले मरीजों में प्राथमिक लक्षण दिखने पर सीटी स्कैन कराया जाता है। जांच रिपोर्ट में लक्षण पाए जाते हैं तो मरीजों को हायर सेंटर में इलाज कराने की सलाह दी जाती है।
डॉ. प्रियांक वर्मा, प्राचार्य- स्वशासी मेडिकल कॉलेज