अस्पताल को लाॅक करती टीम।
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पीएचसी से रेफर के बाद सरकारी एंबुलेंस चालक ने पहुंचा दिया अस्पताल, एक और प्रसूता भर्ती मिली
आशा कार्यकर्ता सीमा देवी को प्रसव पीड़ा होने पर उन्हें परिजन पहले कचनरवा पीएचसी ले गए थे। वहां उसकी हालत गंभीर देख रेफर कर दिया। परिजनों के मुताबिक सरकारी एंबुलेंस 108 सेवा से वह महिला को लेकर निकले, लेकिन एंबुलेंस चालक व ईएमटी उसे झांसा देकर कोन के बिना पंजीयन वाले अस्पताल ले गए, जहां उपचार में लापरवाही से मौत हो गई। मामले में एक एएनएम का भी नाम सामने आया है।
परिजनों ने बताया कि डॉक्टर ने आते ही गंभीर स्थिति का हवाला देते हुए 50 हजार रुपये की मांगे। प्रसूता की मौत के बाद जब लोग हंगामा करते हुए पहुंचे तो वहां बागेसोती के लौकवाखाड़ी की कुसुम देवी (35) पत्नी विदेशी घसिया भर्ती मिली। तीन दिन पहले उसका यहीं प्रसव हुआ था। उसकी भी तबीयत खराब थी।
पुलिस ने उसे एंबुलेंस से सरकारी अस्पताल में शिफ्ट कराया। मौके पर मौजूद परिजनों ने एक एएनएम के जरिये मरीजों को यहां भेजे जाने की बात बताई। जानकारी के मुताबिक, ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की खराब हालत के कारण इसी तरह सरकारी एंबुलेंस, आशा-एएनएम की मिलीभगत से प्रसव व उपचार के लिए ऐसे अस्पतालों में पहुंचाया जाता है। बदले में उन्हें कमीशन मिलता है।