सीमा से सटे मध्य प्रदेश के सिंगरौली में स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र में 17 अप्रैल को हुई नकदी व ज्वेलरी लूट की साजिश बिहार के बेऊर और ओडिशा की जेल में बंद कैदियों ने रची थी। एएसपी सर्वप्रिय सिन्हा ने बताया कि जांच से पता चला कि मास्टरमाइंड सुबोध सिंह है जो फिलहाल पटना की बेऊर जेल में बंद है। उसने ओडिशा की कुचिंडा जेल में बंद अपने करीबी पीयूष जायसवाल के जरिये डकैती की साजिश रची थी।
मामले में पुलिस ने बिहार के नालंदा से दो आरोपियों चंदन उर्फ चईया यादव (21) और गुलशन (19) को गिरफ्तार किया है। दोनों को न्यायालय में पेश किया गया जहां से सात दिन की पुलिस रिमांड मिली है।
रिमांड के दौरान पूछताछ में आरोपियों ने कई खुलासे किए। पुलिस के मुताबिक दोनों आरोपी सीधे तौर पर बैंक डकैती की साजिश में शामिल थे और लूटे गए माल को ठिकाने लगाने में अहम भूमिका निभाई थी। जांच में सामने आया कि वारदात को अंजाम देने वाले फंटूस, कमलेश, पंकज, राजेश और छोटू के अलावा गिरफ्तार दोनों आरोपी भी शुरू से साजिश का हिस्सा थे।
पौने छह करोड़ का सोना लूटा, बीस लाख नकदी भी
बैढ़न-विंध्यनगर मार्ग पर बैढ़न कोतवाली क्षेत्र स्थित बैंक आफ महाराष्ट्र की शाखा से असलहे के दम पर दहशत फैला कर बदमाशों ने बीस लाख से अधिक की नकदी और पौने छह करोड़ का सोना लूट लिया था। सोना बैंक में रखकर उपभोक्ताओं ने ऋण लिया था। घटना मध्यप्रदेश पुलिस के चुनौती बन गई थी। शुरू में लूटकांड के एक आरोपी कमलेश को आरपीएफ ने डेहरी (नबीनगर) से दबोच लिया था। कमलेश से मिले इनपुट के आधार पर पुलिस आगे बढ़ी तो दो और आरोपियों को बिहार से गिरफ्तार किया गया।