बुधवार की सुबह अचानक मौसम का मिजाज बदलने और बूंदाबांदी होने से किसानों की चिंता बढ़ गई। खासकर वे किसान परेशान रहे, जाे क्रय केंद्रों के बाहर धान तौल कराने का इंतजार कर रहे हैं। वहीं क्रय केंद्रों के बाहर खुले में रखे धान का उठान नहीं होने से बारिश होने की स्थिति में खराब हो सकता है।
दोपहर 12 बजे के बाद आसमान साफ होने पर किसानों ने राहत की सांस ली। जिले में बुधवार की सुबह से आसमान में बादल छाए रहे। जिला मुख्यालय रॉबर्ट्सगंज के साथ ही ग्रामीण इलाकों में बूंदाबांदी भी हुई।
मौसम बदला देख गेहूं की सिंचाई में जुटे किसान सिंचाई रोक दिए। वहीं जो किसान सिंचाई कर चुके हैं, उनके माथे पर चिंता की लकीरें खीचनी लगी है। उनका कहना है कि यदि बारिश हुई तो फसल को नुकसान होगा। तेज बारिश होने की स्थिति में क्रय केंद्रों के बाहर रखा धान भी भींग जाएगा। मौसम में परिवर्तन से तापमान में गिरावट दर्ज हुई। मंगलवार को अधिकतम तापमान जहां 26.8 डिग्री दर्ज हुआ था, वहीं बुधवार को 1.8 डिग्री लुढ़कर कर 25 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। न्यूनतम पारा 12.0 डिग्री सेल्सियस था, जो बुधवार को बढ़कर 13.4 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। न्यूनतम पारा में 1.3 डिग्री की बढ़ोत्तरी दर्ज हुई है। मौसम विज्ञान केंद्र चुर्क के प्रेक्षक राजन सिंह के मुताबिक मौसम में परिवर्तन से अभी तापमान में गिरावट दर्ज हो सकती है।