फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Siddharthnagar News: आज ज्ञान के उत्सव का दिन, राज्यपाल के स्वागत में सजा सिद्धार्थ विश्वविद्यालय

Mon, 29 Jun 2026 02:17 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
विज्ञापन
विज्ञापन
सिद्धार्थनगर। सजे-धजे प्रवेश द्वार, रोशनी से निखरा मुख्य प्रेक्षागृह, हर मोड़ पर तैनात सुरक्षा कर्मी, अंतिम तैयारियों में जुटे कर्मचारी और मेधावियों के स्वागत को बिछी लाल कालीन... सिद्धार्थ विश्वविद्यालय का पूरा परिसर सोमवार को होने वाले दसवें दीक्षांत समारोह की आहट से जीवंत हो उठा है। कुलाधिपति और उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के आगमन के साथ विश्वविद्यालय ने अपने सबसे गरिमामय आयोजन के लिए खुद को पूरी तरह तैयार कर लिया है। तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा चुका है और अब सबकी निगाहें उस ऐतिहासिक क्षण पर टिकी हैं, जब वर्षों की मेहनत उपाधि और पदक के रूप में मेधावियों के हाथों तक पहुंचेगी।
विज्ञापन

रविवार देर शाम तक विश्वविद्यालय परिसर में तैयारियों का सिलसिला जारी रहा। मुख्य प्रेक्षागृह की साज-सज्जा, मंच, ध्वनि एवं प्रकाश व्यवस्था, अतिथियों के बैठने की व्यवस्था, पार्किंग, सुरक्षा और प्रोटोकॉल से जुड़े सभी इंतजाम पूरे कर लिए गए। आयोजन समितियों ने अपनी-अपनी जिम्मेदारियों का अंतिम परीक्षण किया जबकि स्वयंसेवकों और एनसीसी कैडेटों ने भी रिहर्सल के साथ व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया।
सोमवार सुबह कुलाधिपति की अध्यक्षता में समारोह का शुभारंभ होगा। शैक्षिक शोभायात्रा, राष्ट्रगीत और कुलगीत के बाद उपाधि वितरण की प्रक्रिया शुरू होगी। इस वर्ष 25 मेधावी छात्र-छात्राओं को विभिन्न स्वर्ण पदकों से सम्मानित किया जाएगा। उत्कृष्ट कार्य करने वाले चार शिक्षकों को भी सम्मान मिलेगा। इसके अलावा शिक्षकों की ओर से रचित पुस्तकों का विमोचन, दीक्षांत स्मारिका एवं वार्षिक प्रतिवेदन का लोकार्पण, ''''''''किलकारी'''''''' बालगृह और दिव्यांगजन सुविधा युक्त डिजिटल लाइब्रेरी का उद्घाटन भी समारोह के प्रमुख आकर्षण होंगे।
विज्ञापन

समारोह को लेकर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। विश्वविद्यालय परिसर और आसपास के क्षेत्र में पुलिस बल की तैनाती की गई है। प्रवेश केवल पासधारकों को मिलेगा। यातायात, पार्किंग और वीआईपी मूवमेंट के लिए अलग-अलग व्यवस्थाएं की गई हैं, ताकि पूरा आयोजन गरिमा, सुरक्षा और अनुशासन के साथ संपन्न हो सके। कुलपति प्रो. कविता शाह ने बताया कि कोई कोर कसर नहीं छोड़ी गई है।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें