देवरिया। एसपी ऑफिस में तैनात लिपिक अफजल खां और सिपाही दीपक सिंह को गिरफ्तार कर कोतवाली पुलिस ने जेल भिजवाया है। आरोप है कि दोनों ने नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक रिटायर्ड फौजी से 15 लाख रुपये ले लिए। फौजी ने मकान गिरवी रखकर रुपये दिए लेकिन लेकिन सात साल बाद भी नौकरी नहीं मिली। रुपये मांगने पर पुलिसकर्मी धमकी दे रहे थे। शिकायत मिलने पर एसपी ने दोनों पुलिसकर्मियों व सिपाही की पत्नी के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया था।
महुआडीह थानाक्षेत्र के रामपुर दुबे गांव निवासी रिटायर्ड फौजी प्रशांत कुमार द्विवेदी ने एसपी से शिकायत की थी। उन्होंने बताया था कि उनकी जान-पहचान एसपी ऑफिस के स्टेनो अफजल खां और आरक्षी दीपक सिंह से थी। वर्ष 2019 में आर्मी से रिटायर होने पर प्रशांत दुबे जीविकोपार्जन के लिए नौकरी की तलाश में थे। उस समय अफजल और दीपक सिंह ने उन्हें नौकरी दिलाने का भरोसा दिया। प्रशांत का कहना है कि वह इन पुलिसकर्मियों के झांसा में आ गए तो उनसे नौकरी दिलाने के नाम पर 15 लाख रुपये की मांग की गई। प्रशांत ने एसपी को बताया है कि अपना मकान गिरवी रखकर उन्होंने रकम दे दी। कुछ दिन इंतजार के बाद जब नौकरी नहीं मिली तो प्रशांत अपने रुपये वापस मांगने लगे।
प्रशांत का आरोप है कि रुपये वापस मांगने पर दोनों पुलिसकर्मियों का व्यवहार बदल गया और एसपी ऑफिस में अपनी तैनाती की धौंस देते हुए फर्जी मुकदमे में फंसाकर जेल भिजवाने की धमकी देने लगे। आरोप है कि, दोनों ने प्रशांत से यहां तक कहा कि, तुम पति-पत्नी आत्महत्या कर लो हम पैसे नहीं देंगे। थक-हार कर प्रशांत ने एसपी से मामले की शिकायत की।
स्टेनो महराजगंज और सिपाही गाजीपुर का रहने वाला
रुपये वापस मांगने के दबाव के बीच आरोपी दीपक सिंह की पत्नी साक्षी सिंह ने प्रशांत को एक लाख रुपये का एक चेक दिया था जो बाउंस हो गया था। एसपी से शिकायत के बाद शुरू हुई जांच के दौरान प्रशांत ने बाउंस चेक साक्ष्य के तौर पर उपलब्ध कराया। प्राथमिक जांच में शिकायत सही मिलने पर एसपी ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश दिए। शनिवार को सदर कोतवाली में एसपी कार्यालय के महराजगंज निवासी स्टेनो अफजल खां, गाजीपुर निवासी सिपाही दीपक सिंह और उसकी पत्नी साक्षी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। कोतवाल राकेश राय ने बताया कि अफजल खां और दीपक सिंह को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।