- माध्यमिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में इसी सत्र से शुरू हो जाएगी ऑनलाइन हाजिरी की व्यवस्था
- शिक्षकों की मौजूदगी और बेहतर में शैक्षिक माहौल बनाने के लिए शुरू की गई है कवायद
- जिले में 200 से अधिक माध्यमिक शिक्षा परिषद के विद्यालय हो रहे संचालित
सिद्धार्थनगर। शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए शत-प्रतिशत उपस्थिति पर जोर दिया जा रहा है। जुलाई से माध्यमिक शिक्षा परिषद से संचालित विद्यालयों में शिक्षकों और कर्मचारियों की उपस्थिति अब डिजिटल निगरानी में रहेगी। नए शैक्षणिक सत्र से ऑनलाइन हाजिरी व्यवस्था लागू करने की तैयारी तेज कर दी गई है। इसका मकसद केवल शिक्षकों की उपस्थिति दर्ज करना नहीं बल्कि विद्यालयों में नियमित शैक्षिक गतिविधियों को सुनिश्चित करना और पढ़ाई के स्तर में सुधार लाना है। ऑनलाइन हाजिरी शुरू होने के बाद विद्यालयों में कौन शिक्षक कब पहुंचा और कितनी देर तक मौजूद रहा, इसकी जानकारी सीधे विभागीय पोर्टल पर दर्ज होगी, जिससे जवाबदेही भी बढ़ेगी और शैक्षिक माहौल बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
सरकार शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सुविधाएं बढ़ाने के साथ ही नियम और कायदे में बदलाव कर रही है। अब शिक्षा विभाग की ओर से माध्यमिक विद्यालयों में तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी क्रम में ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली लागू करने की कवायद शुरू हुई है। इस दायरे में जिले में माध्यमिक शिक्षा परिषद के 200 से अधिक राजकीय, सहायता प्राप्त और वित्त विहीन विद्यालय आएंगे। जहां हजारों छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। विभाग का मानना है कि शिक्षकों की नियमित मौजूदगी से कक्षाओं का संचालन प्रभावी होगा, छात्रों की पढ़ाई में निरंतरता आएगी और बोर्ड परीक्षाओं के परिणामों में भी सुधार देखने को मिलेगा। साथ ही विद्यालयों के निरीक्षण और मॉनिटरिंग की प्रक्रिया भी पहले से अधिक पारदर्शी हो जाएगी।
इस संबंध में डीआईओएस अरुण कुमार ने बताया कि शासन से मिले निर्देशों को विद्यालय खुलने के साथ ही पालन कराया जाएगा।
-
जियो लोकेशन के साथ समय आधारित सत्यापनऑनलाइन हाजिरी के लिए शिक्षकों और कर्मचारियों को निर्धारित एप या पोर्टल के माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज करनी होगी। उपस्थिति दर्ज होते ही उसका रिकॉर्ड विभागीय सर्वर पर पहुंच जाएगा। कई स्थानों पर जियो-लोकेशन और समय आधारित सत्यापन की भी व्यवस्था प्रस्तावित है, जिससे विद्यालय परिसर से बाहर रहकर उपस्थिति दर्ज करने की संभावना समाप्त हो सके। इससे नियमित उपस्थिति से कक्षाओं का संचालन बेहतर होगा। कई विद्यालयों में शिक्षक अनुपस्थिति या विलंब से पहुंचने की शिकायतें सामने आती रही हैं। डिजिटल निगरानी व्यवस्था लागू होने के बाद ऐसी शिकायतों में कमी आने की उम्मीद है। इससे छात्रों को निर्धारित समय पर पढ़ाई का लाभ मिलेगा और शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार होगा।