संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर/ शोहरतगढ़। ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान से लगातार ड्रोन हमले की कोशिश को भारतीय सेना नाकाम कर कर रही है। दोनों देशों के बीच युद्ध की स्थिति गई।
इसको लेकर भारत-नेपाल बाॅर्डर पर सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हैं। जिले से लगने वाली 68 किलोमीटर सरहद की सुरक्षा में तैनात सुरक्षा एजेंसियों के साथ पुलिस भी दिन-रात गहन जांच पड़ताल में जुटी हैं।
बॉर्डर पर सख्ती में नेपाली पुलिस और सेना जवान भी भारत के सहयोग में लगे हैं। उस पर भी गहनता से जांच चल रही है। शोहरतगढ़ और नौगढ़ सर्किल के सीओ लगातार बाॅर्डर पर भ्रमण और बैठक करके सुरक्षा की समीक्षा करने में जुटे हैं।
बढ़नी, कोटिया, खुनुवां, बजहा, अलीगढ़वा, ककरहवा सहित 68 किलोमीटर खुली भारत नेपाल सीमा पर एसएसबी व पुलिस की संयुक्त सहित अन्य सुरक्षा एजेंसियां पैनी नजर गड़ाए हुए हैं। बिना चेकिंग और जांच के किसी को आने-जाने नहीं दिया जा रहा है। जिनके पास आईडी नहीं मिल रही है, उनके बारे में पूरी तरह जांच कर उन्हें लौटा दिया जा रहा है।
भारत-नेपाल सीमा पर आवाजाही करने वालों की उनका आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, इलेक्शन फोटो पहचान पत्र समेत वाहन चालकों से वाहन के कागजात, बैग व झोले की सघन जांच के बाद ही आने-जाने की अनुमति दी जा रही है। शुक्रवार को पूरे दिन जांच में बढ़नी, कोटिया और खुनुवां बॉर्डर पर संदिग्ध नहीं मिला है। खुली सीमा होने के कारण नेपाल से भारत को जोड़ने के लिए दर्जनों पगडंडी रास्ते हैं। जिसे लेकर एसएसबी व पुलिस की संयुक्त पेट्रोलिंग भी की जा रही है।
उधर नेपाल की सुरक्षा एजेंसियां भी संयुक्त पेट्रोलिंग कर जांच कर रही है। आने जाने वालों से पूछताछ कर रही है। शोहरतगढ़ में सीओ सुजीत कुमार राय की अगुवाई में ढेबरुआ और शोहरतगढ़ थाने की पुलिस एसएसबी, पीएसी के साथ मार्च कर रही है। वहीं, नौगढ़ सर्किल में सीओ सदर मयंक कुमार द्विवेदी की अगुवाई में कपिलवस्तु और मोहाना पुलिस की टीम लगातार जांच कर रही है।