घोसियारी। खेसरहा थाना क्षेत्र के बदुरगहना गांव में 40 वर्षीय बलिराम की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। उसका शव फूस से बनी झोपड़ी में फंदे के सहारे लटका मिला। वह राजमिस्त्री का काम कर अपने परिवार का भरणपोषण करता था। परिवार के लोगों ने शव का पोस्टमार्टम करवाने से मना कर दिया। उनका रो-रोकर बुरा हाल है।
जानकारी के अनुसार, क्षेत्र के बदुरगहना गांव निवासी 40 वर्षीय बलिराम पुत्र शिवचरन की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। बुधवार को उसका शव छप्पर में लगे बांस से गले में फंदे के सहारे लटका देख घर में हाहाकार मच गया।
परिजनों के चीखने-चिल्लाने की आवाज सुनकर पड़ोसी भी जमा हो गए। किसी ने घटना की सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंचे खेसरहा थानाध्यक्ष अनूप कुमार मिश्र ने घटना स्थल का निरीक्षण किया। परिजनों के लिखित अनुरोध पर पुलिस ने पंचनामा भरकर शव को परिजनों के सुपुर्द कर दिया। थानाध्यक्ष ने बताया कि परिजन पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहते थे, जिसके चलते कानूनी प्रक्रिया पूरी कर शव अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया गया।
मृतक बलिराम अपने माता-पिता का इकलौता पुत्र और पूरे परिवार का एकमात्र सहारा था। वह राजमिस्त्री का काम कर अपने परिवार का भरणपोषण करता था। इस घटना ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया। अचानक हुई इस घटना से परिवार को सूझ नहीं रहा। मृतक की पत्नी आरती, माता-पिता तथा अन्य परिजन का रो-रोकर बुरा हाल है।
बलिराम अपने पीछे तीन बच्चों भोला, कृष्णनाथ और बेटी उर्मिला को छोड़ गया है, जो अभी अविवाहित हैं। परिजनों के अनुसार, बलिराम कुछ समय से मानसिक रूप से अस्वस्थ था और उसका इलाज चल रहा था। आशंका जताई जा रही है कि इसी मानसिक परेशानी के चलते उसने यह कदम उठाया होगा।ो