सिद्धार्थनगर। अनफिट वाहन और अप्रशिक्षित हाथों में स्टीयरिंग होने से हो रहे हादसे को रोकने के लिए वाहनों की जांच कर कार्रवाई की जा रही है। जिले में 70 ऐसे विद्यालय वाहन मिले हैं, जिनके परमिट आदि समाप्त हो चुके हैं और उनकी ओर से कागजी प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई गई है। अब संभागीय परिवहन विभाग की ओर से कार्रवाई की जाएगी। अगर वाहन चलते हुए मिले तो उन्हें सीज तो किया ही जाएगा। इसके साथ ही मान्यता समाप्त किए जाने के संबंध में संबंधित विभाग को पत्राचार किया जाएगा।
विद्यालय वाहनों से होने वाले हादसे और अवैध रूप से संचालित होने वाले वाहनों पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाए जाने के लिए शासन की ओर से सभी पंजीकृत वाहनों को पोर्टल पर तय मानक के साथ अपडेट करवाया है। इससे वाहन की जांच तत्काल हो सके। इसमें विभाग की ओर से अभियान चलाकर वाहन स्वामियों से अपडेट करवाया गया था। जांच में 70 वाहनों की स्थिति संदिग्ध पाए जाने पर संबंधित विद्यालय प्रबंधन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। विभाग ने साफ किया है कि बच्चों की सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और बिना वैध कागजात के वाहन संचालन करने वालों पर कठोर कार्रवाई होगी।
कई विद्यालय पुराने वाहनों का संचालन कर रहे हैं, जबकि कुछ मामलों में परमिट का नवीनीकरण तक नहीं कराया गया। ऐसे वाहनों के सड़क पर उतरने से दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। इसी को देखते हुए परिवहन विभाग ने विशेष अभियान चलाकर स्कूल वाहनों की निगरानी तेज कर दी है। नोटिस के बाद भी रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं करने वाले विद्यालयों की सूची तैयार की गई है। वाहनों की लगातार जांच की जा रही है। अगर सड़क पर चलते हुए मिले तो सीज किए जाने के साथ ही विद्यालय के मान्यता समाप्त किए जाने के लिए संबंधित विभाग को पत्राचार किया जाएगा।
इस संबंध में एआरटीओ संजय सिंह ने बताया कि विद्यालय वाहनों के संबंध में नोटिस जारी कर दिया गया है। अगर जवाब नहीं मिला और वाहन संचालित करते पाए गए तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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आठ वाहनों पर हुई कार्रवाई
सिद्धार्थनगर। एआरटीओ संजय सिंह की ओर से बुधवार सुबह वाहनों की चेकिंग के लिए अभियान चलाया गया। इसमें मॉडिफाइड साइलेंसर और प्रेशर हाॅर्न पर विशेष जोर था। अभियान में कुल आठ वाहनों पर कार्रवाई की गई। इसमें एक मॉडिफाइड साइलेंसर, तीन प्रेशर हाॅर्न, तीन ओवर लोडिंग और एक परमिट समाप्त होने के बाद भी संचालित हो रहे वाहन पर कार्रवाई करते हुए संबंधित थाने में खड़ा करवा दिया। एआरटीओ ने बताया कि जांच अभियान लगातार जारी रहेगी।