संभल/अमरोहा। मेरठ से प्रयागराज तक के गंगा एक्सप्रेसवे की बुधवार को शुरुआत से अमरोहा तथा संभल जिलों में और विकास की राहें खुल गईं।
हरदोई में प्रधानमंत्री के हाथों उद्घाटन होते ही एक्सप्रेसवे पर रफ्तारशुदा वाहनों की दौड़ नजर आने लगी। अमरोहा और संभल जनपदों में भी जिलों के प्रभारी मंत्रियों की मौजूदगी में भव्य समारोह के बीच विकास के सपनों को पंख देने वाले इस रोड की खुशियां साझा की गईं।
अमरोहा जिले में यह आयोजन हसनपुर के नजदीकी गांव मंगरौला में एक्सप्रेसवे पर किया गया। मंगलरौला से ही एक्सप्रेसवे पर चढ़ा-उतरा जा सकेगा। इसके लिए मंगलरौला से एक्सप्रेसवे को जोड़ने वाली एप्रोच रोड की व्यवस्था है। अमरोहा जिले में गंगा एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई लगभग 32.6 किलोमीटर है। यह हसनपुर क्षेत्र के 24 गांवों से होकर गुजर रहा है। पूरे रास्ते में जिले में एक स्थान पर टोल प्लाजा है, जहां वाहनों और चालकों के लिहाज से जरूरी व्यवस्थाएं उपलब्ध रहेंगी। मंगरौला गांव के पास लगभग 2200 बीघा भूमि पर इंटीग्रेटेड लॉजिस्टिक्स एंड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर विकसित होगा। यह जिले के उद्यमियों के साथ-साथ बाहर से आने वाले उद्यमियों के लिए भी मददगार बनेगा। एक्सप्रेसवे चालू होने की खुशी में आयोजित स्थानीय समारोह में मुख्य अतिथि जिले के प्रभारी मंत्री केपी मलिक थे, जबकि इस दौरान अन्य जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
संभल में एक्सप्रेसवे की खुशी का जश्न बहजोई के नजदीक लहरावन में मनाया गया। यहां जिले के प्रभारी मंत्री धर्मवीर प्रजापति मुख्य अतिथि रहे और जिले के जनप्रतिनिधियों ने भी समारोह में शिरकत की। जिले में गंगा एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई 38.6 किलोमीटर है। यह संभल जनपद के 31 गांवों से होकर गुजर रहा है। जनपद में एक्सप्रेसवे पर चढ़ने-उतरने के लिए खिरनी मोइनुद्दीनपुर और लहरावन में व्यवस्था की गई है, जबकि वाहनों को जिले में दो प्लाजा से होकर गुजरना होगा। एक्सप्रेसवे को ध्यान में रखकर जिले में 500 हेक्टेयर क्षेत्र में इंडस्ट्रियल कॉरिडोर विकसित करने की योजना पर भी काम शुरू हो गया है। माना जा रहा है कि इससे जनपद के उद्यमियों के साथ-साथ बाहरी कारोबारियों को भी इकाइयां स्थापित करने में मदद मिलेगी। नए उद्योग युवाओं के लिए रोजगार के रास्ते खोलेंगे।