जरूरत से ज्यादा सफेद और मुलायम तो पनीर में मिलावट
मंडलीय खाद्य सुरक्षा अधिकारी कृष्ण गोपाल यादव का कहना है कि अगर पनीर जरूरत से ज्यादा सफेद और अधिक मुलायम है तो पनीर मिलावटी हो सकता है। क्योंकि दूध से बना पनीर दूध से ज्यादा सफेद नहीं हो सकता है। फैट निकालने के बाद पनीर थोड़ा सख्त हो जाता है। अधिक सफेद दिखाने और साफ्ट करने के लिए रीफाइन, वेजिटेबल ऑयल, पाउडर, टीनोपाल का इस्तेमाल करते हैं।
बच्चों के विकास व वजन पर पड़ता है असर
बाल रोग विशेषज्ञ डाॅ. शलभ अग्रवाल का कहना है कि मिलावट बड़ी समस्या है। अगर दूध में पानी मिला है तो बच्चों को पिलाने से कोई फायदा नहीं है। इससे बच्चों के विकास और वजन पर असर पड़ता है। बच्चा कुपोषित भी हो सकता है। इसलिए सिर्फ दूधर के भरोसे न रहे। दो साल तक बच्चों को मां का ही दूध पिलाएं।
स्लोप टेस्ट (बिना किसी चीज के जांच)
ये 10 सेकंड का टेस्ट किसी भी चिकनी सतह पर हो जाता है। दूध की एक बूंद लें और साफ, चमकदार तिरछी सतह पर रखें। शुद्ध दूध धीरे-धीरे बहता है और पीछे सफेद निशान छोड़ता है। मिलावटी दूध फटाफट बह जाता है, कोई निशान नहीं छोड़ता।
डिटर्जेंट और सिंथेटिक दूध की जांच
साफ बोतल या गिलास में पांच मिलीलीटर दूध लें। उतना ही पानी मिलाएं। 20 सेकंड जोर से हिलाएं। शुद्ध दूध थोड़ा सा झाग बनाता है जो जल्दी खत्म हो जाता है। डिटर्जेंट वाले में घना, देर तक टिकने वाला झाग बनता है। जैसे साबुन पानी में बनता है।
एक नजर जिले केे आंकड़ों पर
- जिले में पशुओं की कुल संख्या करीब चार लाख
- दुधारू पशुओं (गाय-भैंस) की संख्या 2.50 लाख
- जिले में दूध का कुल उत्पादन 12 लाख लीटर
- गर्मियों में दूध का उत्पादन 9 से 10 लाख लीटर
- जिले की कुल अनुमानित आबादी 37 लाख
- प्रति व्यक्ति प्रति दिन 460 मिली दूध की आवश्यकता
जांच में दूध के 18 नमूने लैब के मानकों पर खरे नहीं उतरे। अधोमानक पाए गए। दूध विक्रेताओं के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- राजवंश प्रकाश श्रीवास्तव, सहायक आयुक्त खाद्य