प्यार की खातिर बने थे 'कप्तान खान'
कप्तान सिंह ने अपनी कहानी बताते हुए कहा कि साल 2010 में वे काम के सिलसिले में पश्चिम बंगाल गए थे। वहां उनकी मुलाकात कोलकाता के मुर्शिदाबाद की रहने वाली एक मुस्लिम युवती मुस्कान से हुई। धीरे-धीरे दोनों में प्रेम हो गया और उन्होंने जीवनभर साथ रहने का फैसला किया। हालांकि, मुस्कान के परिवार वालों ने शादी के लिए मुस्लिम धर्म अपनाने की कड़ी शर्त रख दी।
मुस्लिम पत्नी से तीन बच्चे
अपने प्यार को पाने की खातिर कप्तान सिंह ने वर्ष 2011 में इस्लाम धर्म कबूल कर लिया और अपना नाम बदलकर 'कप्तान खान' रख लिया। इस दंपती के तीन बच्चे हैं, जिनके नाम मोहम्मद सुहैल खान, रेहान खान और सुनैना खान रखे गए हैं। उनके आधार कार्ड सहित अन्य सरकारी दस्तावेजों में भी बच्चों के यही नाम दर्ज हैं।
अपनों से दूरी ने किया धर्म वापसी को मजबूर
मुस्लिम धर्म अपनाने की खबर जब कप्तान के घर वालों को लगी, तो उन्होंने उनसे पूरी तरह नाता तोड़ लिया। परिजनों ने कप्तान और उनकी पत्नी को अपनाने से साफ इनकार कर दिया और उन्हें घर नहीं आने दिया। परिवार की स्पष्ट मांग थी कि वह इस्लाम छोड़कर फिर से हिंदू धर्म अपनाएंगे, तभी उनसे पारिवारिक संबंध रखे जाएंगे।
अपनों से 15 साल की दूरी और परिवार के साथ रहने की तड़प ने आखिरकार कप्तान सिंह को बड़ा कदम उठाने पर मजबूर कर दिया। परिवार की खुशी के लिए उन्होंने पत्नी मुस्कान के साथ घर वापसी कर ली है। हिंदू रीति-रिवाज से दोबारा विवाह के बाद अब दोनों परिवार के साथ एक नई जिंदगी शुरू करने जा रहे हैं।