Saharanpur News: सहारनपुर जिले में ऐथेनिया हाईस्कूल की ध्वनि खुराना जिला टॉपर बनीं। उनके घर और स्कूल में हर्ष का माहौल है। वहीं ज्यादातर स्कूलों का परीक्षा परिणाम अच्छा रहा। परिजनों ने मिठाई बांटकर खुशी जताई।
सीबीएसई ने बुधवार को दसवीं का परीक्षा परिणाम जारी कर दिया। ज्यादातर स्कूलों का परिणाम शत प्रतिशत रहा। इससे स्कूलों में जश्न का माहौल रहा। प्रधानाचार्यों और शिक्षकों ने मेधावियों का मुंह मीठा कराकर सफलता की खुशी मनाई। 98.8 प्रतिशत अंकों के साथ ऐथेनिया हाईस्कूल की ध्वनि खुराना जिला टॉपर रहीं।
विज्ञापन
सेकेंड टॉपर रौनक अरोड़ा अपने परिजनों के साथ।
- फोटो : अमर उजाला
जिले में सीबीएसई से मान्यता प्राप्त करीब 125 स्कूल हैं। इस बार दसवीं में करीब नौ हजार विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी। बुधवार को जारी हुए परिणाम को लेकर स्कूल और विद्यार्थी उत्साहित रहे। यही वजह रही कि देर शाम परिणाम आने के बाद विद्यार्थी स्कूलों में पहुंचे और सफलता का जश्न मनाया। रेनबो पब्लिक स्कूल, आशा मॉडर्न स्कूल, सरस्वती विहार सीनियर सेकेंडरी स्कूल और पाइनवुड स्कूल में बड़ी संख्या में विद्यार्थी अपने अभिभावकों के साथ पहुंचे थे।
थर्ड टॉपर प्राची गुप्ता अपने माता-पिता के साथ।
- फोटो : अमर उजाला
एथेनिया हाईस्कूल की ध्वनि खुराना 98.8 फीसदी अंकों के साथ जिले में पहले स्थान पर रहीं। दूसरे नंबर पर एथेनिया हाईस्कूल के ही रौनक अरोड़ा रहे, जिन्होंने 98.6 फीसदी अंक प्राप्त किए। तीसरे नंबर पर संयुक्त रूप से आशा मॉडर्न स्कूल की प्राची गुप्ता, पाइनवुड स्कूल के वासु, रेनबो स्कूल के व्योम मित्तल और इसी स्कूल के आरव रहे। सभी ने एक समान 98.4 फीसदी अंक प्राप्त किए।
टॉपर्स की बात...
नियमित पढ़ाई से मिली सफलता
जिले में पहले नंबर पर रही एथेनिया हाईस्कूल की ध्वनि खुराना का कहना है कि दसवीं में अच्छे अंक लाने के लिए नौवीं से अच्छी तैयारी करना जरूरी है। उसने सालभर नियमित रूप से पढ़ाई करते हुए यह सफलता हासिल की है। सफलता का श्रेय कड़े परिश्रम, माता-पिता के आशीर्वाद और शिक्षकों से मिले मार्गदर्शन को दिया।
समय को बर्बाद करता है सोशल मीडिया
जिले में दूसरे नंबर पर रहे ऐथेनिया हाईस्कूल के रौनक अरोड़ा ने भी पढ़ाई और परीक्षा की तैयारी में मोबाइल को बाधा माना है। उनका कहना है कि मोबाइल से समय बर्बाद होता है। इसलिए उन्होंने सोशल मीडिया से दूरी रखी।
कितने घंटे पढ़े यह मायने नहीं रखता
तीसरे नंबर पर रही आशा मॉडर्न स्कूल की प्राची गुप्ता का कहना है कि कुछ लोग यह पूछते हैं कि प्रतिदिन कितने घंटे पढ़ाई की, लेकिन घंटे मायने नहीं रखते। मायने रखता है कि आपने कितना मन लगाकर पढ़ाई की।
चार से पांच घंटे प्रतिदिन पढ़ाई की
तीसरे नंबर पर रहे पाइनवुड स्कूल के वासु का कहना है कि उन्होंने नियमित रूप से पढ़ाई की। जिस दिन काम मिला, उसे उसी दिन निपटाया। परीक्षा के दौरान प्रतिदिन बीच-बीच में ब्रेक लेकर चार से पांच घंटे की पढ़ाई की। समय खराब नहीं किया।
मन को शांत रखा और तैयारी की
तीसरे नंबर पर रहे रेनबो स्कूल के व्योम मित्तल का कहना है कि उसने मन को शांत रखते हुए बिना किसी हड़बड़ी के परीक्षा दी। तैयारी में भी ज्यादा तनाव नहीं लिया, लेकिन टाइम टेबिल बनाकर नियमित रूप से पढ़ाई की, जिससे आत्मविश्वास बना रहा।
शिक्षकों की बात को फॉलो किया
तीसरे नंबर पर रहे रेनबो स्कूल के ही आरव का कहना है कि उन्होंने प्रत्येक विषय की क्लास में अपने शिक्षकों की बात को ध्यान से सुना। शिक्षकों से मिले मार्गदर्शन की वजह से ही इतने अंक प्राप्त कर सका। हालांकि उन्हें इससे अधिक की उम्मीद थी।