रामपुर। तहसील शाहबाद के आपूर्ति कार्यालय में तैनात कनिष्ठ सहायक रीना को जनता और सस्ता गल्ला विक्रेताओं के साथ दुर्व्यवहार तथा कर्तव्यों की अनदेखी के आरोपों में डीएम ने निलंबित कर दिया है। साथ ही इस पूरे मामले की जांच एडीएम को सौंपी है।
कनिष्ठ सहायक की लगातार शिकायत डीएम को मिल रही थी। इस पर उन्होंने जिला पूर्ति अधिकारी को जांच करने के निर्देश दिए थे।
जिला पूर्ति अधिकारी ने इसकी जांच क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी खाद्य क्षेत्र द्वितीय रामपुर से कराई। जांच में 11 राशनकार्ड धारकों/आवेदकों और नौ सस्तागल्ला विक्रेताओं ने लिखित बयानों में रीना के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए। शिकायतों में कहा गया कि वह राशनकार्ड संशोधन के आवेदनों पर महीनों से कार्रवाई नहीं कर रही थीं और लोगों को डांट-फटकार कर भगा देती थीं।
सस्ता गल्ला विक्रेताओं ने आरोप लगाया कि रीना उन्हें एससी/एसटी एक्ट और दुकान निरस्तीकरण की धमकी देती थीं। जांच में पाया गया कि उनका व्यवहार शासकीय सेवक के आचरण नियमों के विपरीत और शासन की छवि को धूमिल करने वाला है।
डीएम जोगिंदर सिंह ने बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर रीना को निलंबित कर जिला पूर्ति कार्यालय से संबद्ध कर दिया है। इसकी जांच एडीएम को सौंपी गई है।