रायबरेली। जिले में बारिश के बाद डेंगू पांव पसारने लगा है। जिला अस्पताल की प्रयोगशाला की जांच में दो मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। इस साल अब तक डेंगू के दो मरीज ही मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मरीजों के घर पहुंचकर 13 लोगों के ब्लड सैंपल लिए। दवा के छिड़काव के साथ ही मच्छरों से बचने के टिप्स भी दिए।
जिला अस्पताल की प्रयोगशाला की जांच में सलोन के पूरे मुलही सूची निवासी भूपेंद्र (18) और डीह निवासी मो. अरब (18) डेंगू संक्रमित मिले हैं। दोनों मरीज जिला अस्पताल आए थे। आशंका होने पर चिकित्सकाें ने मरीजों की डेंगू की जांच कराई। दोनों मरीजों का घर से ही इलाज चल रहा है। बृहस्पतिवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मरीजाें के घर पहुंचकर उनके परिवार के लोगों की सेहत जांची। 13 लोगों के ब्लड के सैंपल लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा। गांवों में नालियों में दवा का छिड़काव कराया गया।
सीएमओ डॉ. नवीन चंद्रा ने बताया कि डेंगू और एईएस का खतरा बढ़ गया है। सभी सीएचसी अधीक्षकों को अलर्ट किया गया है। डेंगू के मिले दोनों मरीजों के घर टीम भेजी गई है। लोग स्वस्थ हैं।
पिछले साल मिले थे 87 मरीज
जिला मलेरिया अधिकारी रमेश चंद्र यादव ने बताया कि जिले में इस साल जनवरी से जुलाई माह तक डेंगू के एक भी मरीज नहीं मिले। अगस्त में दो मरीज मिले हैं। पिछले साल डेंगू के 87 मरीज मिले थे। इस साल डेंगू से मरीजों को बचाने के लिए तैयारी पूरी कर ली गई है। सभी सीएचसी में जांच के पर्याप्त बंदोबस्त किए गए हैं।
डेंगू के प्रमुख लक्षण
तेज बुखार आना, आंखों के पीछे दर्द रहना, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, मतली, उल्टी, दाने और शरीर में थकान, सांस लेने में कठिनाई और नाक और मसूड़ों से रक्तस्राव होना डेंगू के प्रमुख लक्षण हैं।
बचाव के लिए यह करें
जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. सलीम ने बताया कि मच्छरों से बचना है। घर के आसपास पानी एकत्र न होने दें। ठहरे पानी में मच्छरों के लार्वा बढ़ते हैं। किसी को भी लक्षण प्रतीत हो तो तुरंत नजदीक के अस्पताल पहुंचकर चिकित्सीय सलाह लें। समय से इलाज शुरू होने से मरीज आसानी से स्वस्थ हो जाता है।