डलमऊ। बारिश के कारण गंगा का जलस्तर फिर बढ़ना शुरू हो गया है। बृहस्पतिवार को नदी का जलस्तर चेतावनी बिंदु से 35 सेमी दूर दर्ज किया गया। पानी से घाट डूब गए हैं। कटान तेज हो गया है। इससे कटरी इलाके में रहने वाले लोग बाढ़ के खतरे से सहमे हुए हैं।
गंगा नदी का चेतावनी बिंदु 98.360 मीटर, जबकि खतरे का निशान बिंदु 99.360 मीटर है। केंद्रीय जल आयोग डलमऊ के मुताबिक गंगा नदी का जलस्तर 98.010 मीटर दर्ज किया गया है, जो चेतावनी बिंदु 35 सेंटीमीटर दूर है। डलमऊ के पक्का, कच्चा, रानी शिवाला समेत अन्य घाट डूब गए हैं। चक मलिकभीटी, जमाल नगर मोहद्दीनपुर, जहांगीराबाद, पूरे रेवती सिंह, अंबहा, बबुरा गांवों के लोग सहमे हुए हैं।
ग्रामीण दिनेश यादव, संतराम वर्मा, अरविंद पासवान ने बताया कि इसी तरह नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी होती रही तो पानी गांव के अंदर घुस जाएगा। जीव जंतुओं का खतरा बढ़ गया है। एसडीएम डलमऊ प्रीती सिंह ने बताया कि गंगा नदी के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है। अभी बाढ़ जैसे कोई हालात नहीं हैं। बाढ़ चौकियां पर कर्मचारियों के तैनाती कर दी गई है। संबंधित विभागों के कर्मचारियों को अलर्ट कर दिया गया है।
गोकना गंगा घाट की सीढि़यां डूबी
ऊंचाहार। क्षेत्र में भी गंगा नदी का जलस्तर तेजी के साथ बढ़ रहा है। गोकना गंगाघाट की सीढि़यां पानी में डूब गई हैं। इससे लोगों को सावन माह में गंगा स्नान करने में दिक्कतें आ रही हैं। मां गंगा गोकर्ण जनकल्याण सेवा समिति के सचिव जितेंद्र द्विवेदी ने बताया कि नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। घाट पर नदी में रस्सा लगाकर स्नान के लिए स्थान तय किया गया। रस्से में रंग-बिरंगे डिब्बे लगाए गए हैं।
इससे स्नान करने वाले लोग गहराई में जाने से बचेंगे। घाट पर नाव-नाविकों व पुलिस की तैनाती की गई है। नायब तहसीलदार शंभूशरण पांडेय व कोतवाली प्रभारी ओमप्रकाश राय लगातार घाट पर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा ले रहे हैं। एसडीएम विवेक राजपूत ने बताया कि घाट पर निगरानी कराई जा रही है।
गंगा का जलस्तर बढ़ने पर सीढि़यों तक पहुंचा पानी।
गंगा का जलस्तर बढ़ने पर सीढि़यों तक पहुंचा पानी।