रायबरेली। रबी सीजन में नहरों में भरपूर पानी पहुंचने से किसानों को सिंचाई की समस्या से नहीं जूझना पड़ेगा। सिंचाई विभाग की तरफ से छह करोड़ रुपये खर्च कर 435 छोटी-बड़ी नहरों व रजबाहा की सिल्ट सफाई का काम पूरा हो गया है। अब नहरों की जांच कराने में जुटे हैं। ताकि नहरों में जल्द ही पूरी क्षमता के साथ पानी छोड़ा जा सकें। विभागीय अफसरों का कहना है कि नहरों में सिल्ट सफाई हो चुकी है। अभी किसानों को पानी की जरूरत नहीं है। सिंचाई के लिए पानी की जरूरत देखते हुए जल्द ही पूरी क्षमता से नहरों में पानी पहुंचाया जाएगा।
अक्तूबर माह में बारिश होने से धान की कटाई कराने में विलंब हुआ है। इसी कारण अभी ज्यादातर किसानों ने गेहूं की बोआई शुरू नहीं की है। गेहूं बोआई के 25 से 30 दिनों के अंदर पहली सिंचाई करना होती है। इसी कारण अभी तक किसान पानी की मांग नहीं कर रहे हैं। सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जिले की 435 नहरों की सफाई का काम पूरा हो गया है, अब 10 दिसंबर से नहरों की टेल फीडिंग का काम शुरू होगा। इसके बाद जैसे-जैसे पानी की मांग बढ़ेगी, नहरों में पूरी क्षमता से पानी छोड़ा जाएगा।
अधिशासी अभियंता सुशील कुमार यादव ने बताया कि अभी किसानों की तरफ से सिंचाई के लिए पानी की मांग नहीं आई है। ऐसे में 10 दिसंबर से नहरों में पानी छोड़ने की तैयारी है। इस दौरान सिल्ट सफाई के कार्य की रेंडम जांच कराई जा रही है। इस दौरान यदि कहीं भी सिल्ट सफाई में लापरवाही मिली, तो संबंधित ठेकेदार पर कार्रवाई की जाएगी।