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Pilibhit News: बिना कोचिंग और नियमित पढ़ाई कर मेधावियों ने छुआ आसमान

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अपने परिवार के साथ जिला टॉपर वं​शिका। स्रोत स्वयं - फोटो : Samvad
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पीलीभीत। सीबीएसई 12वीं के परीक्षा परिणाम में जिले के मेधावियों ने शानदार प्रदर्शन कर यह साबित कर दिया कि सफलता के लिए नियमित पढ़ाई, आत्मविश्वास और अनुशासन सबसे जरूरी हैं। जिला टॉपर से लेकर मेरिट में स्थान पाने वाले विद्यार्थियों ने सेल्फ स्टडी, शिक्षकों के मार्गदर्शन और परिवार के सहयोग को अपनी सफलता का आधार बताया। खास बात यह रही कि अधिकांश मेधावियों ने सोशल मीडिया का सीमित और सकारात्मक इस्तेमाल करने पर जोर दिया। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और शिक्षकों को दिया।
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सफल बिजनेस वुमन बनाना चाहती हैं वंशिका
जिले में संयुक्त रूप से बेहतर करने वाली लिटिल एंजेल्स स्कूल की छात्रा वंशिका गुप्ता ने बताया कि उनके पिता राजेश गुप्ता व्यापारी हैं, जबकि मां सविता गुप्ता गृहिणी हैं। वंशिका ने कहा कि वह शुरुआत से ही प्रतिदिन एक से दो घंटे नियमित पढ़ाई करती थीं। उन्होंने किसी कोचिंग का सहारा नहीं लिया और नियमित रूप से कोर्स का रिवीजन करती रहीं। उनका कहना है कि उन्होंने कभी अंकों के बारे में नहीं सोचा, बल्कि विषयों को समझने पर ध्यान दिया। वंशिका भविष्य में सफल बिजनेस वुमन बनना चाहती हैं। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और शिक्षकों को दिया। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और शिक्षकों को दिया।
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सिविल सेवा में जाना चाहतें हैं रचित चंद्रा
संयुक्त रूप से उम्दा प्रदर्शन करने वाले बेनहर पब्लिक स्कूल के छात्र रचित चंद्रा ने बताया कि उनके पिता अरुण चंद्रा जनता टेक्निकल इंटर कॉलेज बीसलपुर में शारीरिक शिक्षक हैं, जबकि मां बबीता सक्सेना निजी शिक्षिका हैं। रचित का कहना है कि वह प्रतिदिन पांच से छह घंटे पढ़ाई करते थे। उन्होंने यू-ट्यूब और सेल्फ स्टडी की मदद से तैयारी की। रचित का कहना है कि सोशल मीडिया का सही उपयोग लाभदायक हो सकता है। वह भविष्य में सिविल सेवा में जाना चाहते हैं। उनके बड़े भाई उदित इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे हैं। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और शिक्षकों को दिया।
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शुरुआत में तीन माह रहीं बीमार, फिर भी पाया मुकाम
वंशिका और रचिज के बाद बेहतर करने वाली बेनहर पब्लिक स्कूल की छात्रा मान्या गंगवार ने बताया कि उनके पिता योगेंद्र गंगवार पशुपालन विभाग में कार्यालय सहायक हैं, जबकि मां राेमेंद्र गंगवार गृहिणी हैं। मान्या ने बताया कि परीक्षा की तैयारी के दौरान वह करीब तीन माह तक बीमार रहीं, इससे स्कूल नहीं जा सकीं। इसके बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और सेल्फ स्टडी के जरिए प्रतिदिन पांच से छह घंटे पढ़ाई जारी रखी। वह भविष्य में पीसीएस-जे की तैयारी करना चाहती हैं। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता,शिक्षकों को दिया।

यूपीएससी में जाना चाहती हैं पावनी
छात्रा पावनी सहगल ने बताया कि उनके पिता रोहित सहगल विकास भवन में एनआरएलएम विभाग में ट्रेनर हैं, जबकि मां सुषमा सहगल व्यवसाय करती हैं। उनके बड़े भाई पार्थ सहगल सीए हैं। पावनी ने बताया कि वह प्रतिदिन चार से पांच घंटे नियमित पढ़ाई करती थीं और दिन की तुलना में रात में पढ़ाई करना ज्यादा पसंद करती थीं। उन्होंने सेल्फ स्टडी को सफलता का सबसे बड़ा मंत्र बताया। पावनी भविष्य में यूपीएससी की तैयारी करना चाहती हैं। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, भाई और शिक्षकों को दिया। संवाद

अपने परिवार के साथ जिला टॉपर वंशिका। स्रोत स्वयं- फोटो : Samvad

अपने परिवार के साथ जिला टॉपर वंशिका। स्रोत स्वयं- फोटो : Samvad

अपने परिवार के साथ जिला टॉपर वंशिका। स्रोत स्वयं- फोटो : Samvad

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