पीलीभीत। एनएचएम संविदा कर्मियों के लंबित भुगतान की मांग पूरी न होने पर तीन दिन तक चले आंशिक विरोध के बाद बृहस्पतिवार को कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया। कर्मचारियों का आरोप है कि शासन स्तर पर लगातार मांग उठाने के बावजूद मार्च और अप्रैल का मानदेय जारी नहीं किया। इससे कर्मचारियों और उनके परिवारों के सामने आर्थिक संकट गहरा गया है।
प्रांतीय आह्वान पर जिले के एनएचएम संविदा कर्मियों ने लंबित वेतन मांग को लेकर 18 मई से विरोध शुरू किया था। 20 मई तक काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन के बाद भी मांगों पर अमल न होने से बृहस्पतिवार को कार्य बहिष्कार शुरू किया गया। कर्मचारियों ने अपने-अपने कार्यस्थलों पर उपस्थित होकर शांतिपूर्ण तरीके से शासन के खिलाफ नाराजगी जताई। संघ के जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष गौरव गंगवार ने बताया कि एनएचएम के संविदा चिकित्सक, एएनएम, स्टाफ नर्स, लैब टेक्नीशियन, सीएचओ, पैरामेडिकल स्टाफ, बीपीएम, बीसीपीएम और प्रबंधन स्टाफ सहित बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने आंदोलन में भाग लिया।
उनका कहना है कि दो माह से वेतन न मिलने के कारण बच्चों की स्कूल फीस, किताबें और घरेलू जरूरतों को पूरा करना मुश्किल हो गया है। जिला अध्यक्ष डॉ. देवेन्द्र अस्थाना ने कहा कि 21 मई से शुरू हुआ कार्य बहिष्कार शुक्रवार को भी जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि लंबित मानदेय का भुगतान नहीं हुआ तो आंदोलन आगे और तेज किया जाएगा। हालांकि जनहित को ध्यान में रखते हुए इमरजेंसी सेवाओं को बाधित नहीं किया जाएगा।
कार्य बहिष्कार के दौरान पूरनपुर, न्यूरिया, बीसलपुर, ललौरीखेड़ा, अमरिया, बरखेड़ा, बिलसंडा सहित जिला पुरुष एवं महिला चिकित्सालय के संविदा कर्मचारियों ने प्रदर्शन कर विरोध दर्ज कराया। इस दौरान जिला मंत्री धर्मेंद्र कुमार, विष्णु विश्वास, डॉ. इमरान, मोहनलाल, लोकेश, मेहविश, हरीश माथुर, संजीव नायर, डॉ. शरीफ हसन, डॉ. वर्षा सक्सेना, डॉ. खुशबू, दीक्षा गंगवार आदि मौजूद रहे। संवाद
संविदा चिकित्सकों व कर्मियों ने दिया धरना
बीसलपुर। तीन माह से वेतन न मिलने पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के संविदा डॉक्टरों और कर्मचारियों ने बृहस्पतिवार दोपहर धरना दिया। धरना देने वालों में डॉ. ललिता रस्तोगी, डॉ. सबीना बेगम, डॉ. नाजनीन आरा, देवेंद्र गंगवार, गिरीश दिवाकर, कविता गौड़, विमलेश तिवारी आदि शामिल रहे। संवाद