कलीनगर। बरसात से पहले बाढ़ की तैयारियों को लेकर प्रशासनिक सख्ती के दावे जमीनी हकीकत में कमजोर नजर आ रहे हैं। कलीनगर तहसील क्षेत्र में शारदा नदी के किनारे सबसे संवेदनशील माने जाने वाले नोमैंस लैंड और उससे सटे इलाकों में अब तक बाढ़ नियंत्रण कार्य शुरू नहीं हो सके हैं, जबकि नेपाल ने सीमा से सटे अपने क्षेत्र में इससे निपटने के लिए मजबूत इंतजाम किए।
पूर्व जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि सभी कार्य समय से शुरू कर समय पर पूरे किए जाएं। दूसरी ओर जिन स्थानों पर काम शुरू हुआ है। वहां शुरुआती दौर में ही अनियमितताओं और गुणवत्ता में कमी के आरोप सामने आ रहे हैं।
कलीनगर क्षेत्र में शारदा नदी हर साल बरसात के दौरान तबाही मचाती रही है। नेपाल से भारतीय सीमा में प्रवेश करते ही नदी का रुख बदलता है और नोमैंस लैंड के पास कई नदियों का संगम होने से यह इलाका अत्यंत संवेदनशील हो जाता है। पिछले वर्षों में यहां नदी ने दाहिने और बाएं दोनों किनारों पर काफी कटान कर आबादी, कृषि भूमि और वन क्षेत्र को नुकसान पहुंचाया है।
करीब तीन दशक से ग्रामीण इस क्षेत्र में स्थायी तटबंध की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक केवल अस्थायी बाढ़ नियंत्रण कार्यों से काम चलाया जाता रहा है। तीन वर्ष पहले आई बाढ़ में शारदा, जगबूड़ा और सनेड़ी नदियों के उफान से तटबंध टूट गए और कई गांव जलमग्न हो गए थे। हालात को देखते हुए इस वर्ष समय रहते स्थायी समाधान की उम्मीद थी।
ग्रामीणों ने आंदोलन भी किया, इसके बाद क्षेत्रीय विधायक बाबूराम पासवान और जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने मौके पर पहुंचकर जल्द कार्य शुरू कराने का आश्वासन दिया था। इसके बावजूद अब तक नोमैंस लैंड और उससे सटे सबसे जोखिम वाले हिस्सों में काम शुरू नहीं हो पाया है। इसके अलावा नगरिया कट-भुजिया क्षेत्र में पूर्व में बनाई गई पत्थर की ठोकर भी क्षतिग्रस्त पड़ी है, जिसकी अब तक मरम्मत नहीं कराई गई। संवाद
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जहां शुरू कराए कार्य, वहां भी लगने लगे आरोप
शारदा नदी पर जिन तीन स्थानों पर बाढ़ नियंत्रण कार्य शुरू किए गए हैं। वहां भी गंभीर अनियमितताओं के आरोप लग रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि रेत से भरे बोरे तेजी से लगाकर ऊपर से दबा दिए जा रहे हैं ताकि खामियां छिपी रहें। निर्माण में इस्तेमाल हो रही रेत भी साइट के पास से ही मशीनों द्वारा निकाली जा रही है। इससे कार्य की मजबूती पर सवाल उठ रहे हैं। मौके पर जिम्मेदार अभियंताओं की अनुपस्थिति में ठेकेदार और मुंशी ही काम संभाल रहे हैं।
भारतीय क्षेत्र में तैयारियां अधूरी
चिंता की बात यह भी है कि नेपाल ने सीमा से सटे अपने क्षेत्र में बाढ़ नियंत्रण के मजबूत कार्य पूरे कर लिए हैं, जबकि भारतीय क्षेत्र में अब भी तैयारियां अधूरी हैं। नेपाल की ओर से नदी के प्रवाह को नियंत्रित करने के लिए किए जा रहे कार्यों से बाढ़ का दबाव भारतीय हिस्से पर बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
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नोमैंस लैंड क्षेत्र से संबंधित कार्यों का टेंडर मंगलवार को खुल गया है। जल्द ही कागजी प्रक्रिया को पूरा कर संबंधित क्षेत्र में बाढ़ नियंत्रण कार्य शुरू करा दिए जाएंगे।
- आशुतोष कुमार, अधिशासी अभियंता, बाढ़ खंड
शारदा नदी पर बाढ़ नियंत्रण कार्य के लिए लगाया जा रहा मिट्टी का ढेर। संवाद