अधिकारी भी गैरहाजिर
निरीक्षण के दौरान कई अधिकारी भी कार्यालय से गैरहाजिर पाए गए। इनमें जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला कृषि अधिकारी और अपर मुख्य विकास अधिकारी शामिल हैं। सहायक निबंधक सहकारिता, जिला कार्यक्रम अधिकारी और जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी भी अनुपस्थित मिले।
अधिशासी अभियंता (ग्रामीण अभियंत्रण सेवा), सहायक अभियंता (ग्रामीण अभियंत्रण सेवा), पीडी डीआरडीए तथा जिला मत्स्य अधिकारी भी गैरहाजिर थे। कुल दस वरिष्ठ अधिकारियों की अनुपस्थिति पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई।
लापरवाही पर कार्रवाई
जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सरकारी कार्यालयों में समय से उपस्थित होकर आमजन की समस्याओं का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि बिना अनुमति अनुपस्थित रहने और कार्य में लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निरीक्षण के बाद सभी अनुपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों का एक दिन का वेतन काटने के साथ-साथ उनसे स्पष्टीकरण प्राप्त करने की कार्रवाई के निर्देश जारी कर दिए गए। यह कदम सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।