पीलीभीत। डिजिटल अरेस्ट के जरिये जेलकर्मी से लाखों की ठगी करने वाले आरोपी दिल्ली निवासी फैसल सिद्दीकी को साइबर थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उसे कोर्ट में पेश किए जाने के बाद जेल भेज दिया गया। आरोपी से मोबाइल फोन, नकदी और फर्जी दस्तावेज बरामद किए गए हैं। पुलिस गिरोह के नेटवर्क की गहनता से जांच कर रही है।
दिसंबर 2024 में आरोपी और उसके साथियों ने जेल कर्मी जगमोहन सैनी को डिजिटल अरेस्ट के जाल में फंसाकर 57,89,776 रुपये की ठगी कर ली थी। मामले में पीड़ित की ओर से साइबर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें कहा गया कि था आरोपियों ने उसके आधार से जारी सिम से अवैध गतिविधियां होने की बात कहकर धमकाया था। खुद को सुप्रीम कोर्ट और क्राइम ब्रांच मुंबई का अधिकारी बताकर अलग-अलग बार में ठगी की थी।
एसपी ने मामले के खुलासे के लिए तीन टीमें गठित की थीं। पूर्व में भी इस मामले में पांच आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है। बृहस्पतिवार को मामले में भागे चल रहे आरोपी दिल्ली के शाहीन बाग के अबुल फजल एन्क्लेब पार्ट निवासी फैसल सिद्दीकी पुत्र कमरुद्दीन को पोस्टमाॅर्टम हाउस के पास से पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के पास से दो मोबाइल फोन, 50 हजार रुपये नकद, तीन फर्जी आधार कार्ड, दो पासबुक, दो चेकबुक, तीन एटीएम और कई सिम कार्ड बरामद हुए।
पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि वह आर्थिक रूप से कमजोर लोगों से पासबुक, एटीएम और चेकबुक लेकर उन्हें तीन से चार प्रतिशत कमीशन देता था। इन खातों का उपयोग ऑनलाइन ठगी और डिजिटल अरेस्ट जैसे साइबर अपराधों से प्राप्त धनराशि को स्थानांतरित करने के लिए किया जाता था। साथ ही असली आधार और पैन कार्ड पर नए नंबर और फर्जी फर्म बनाकर विभिन्न बैंकों में खाते खोले जाते थे।
एसपी अभिषेक यादव ने बताया कि मामले में पहले ही पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। गिरोह के अन्य सदस्यों और उनके नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है। जल्द ही पूरे गिरोह का पर्दाफाश कर लिया जाएगा।