मुज़फ्फरनगर। काम के बोझ का प्रभाव लोगों के मानसिक संतुलन पर पड़ रहा है। निर्धारित समय में अधिक काम पूरा करने की बाध्यता, मानसिक स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव डाल रही है। काम के बोझ की निरंतरता के चलते स्ट्रेस एक प्रकार के डिस्ट्रेस में परिवर्तित हो रहा है। जिला अस्पताल मानसिक रोग विभाग में पेन अथवा स्ट्रेस एंजाइटी से लेकर डिप्रेशन जैसी मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से पीड़ित सैकड़ों मरीज प्रतिदिन उपचार के लिए पहुंच रहे हैं।
लोगों को कई प्रकार के मानसिक रोग घेर रहे हैं। कुछ मानसिक बीमारियों की वजह काम का बोझ है। किन्हीं विशेष परिस्थितियों में काम का बोझ मन में तनाव पैदा कर देता है। जिला अस्पताल के मनोरोग विशेषज्ञ डॉ.अर्पण जैन के अनुसार इस प्रकार की मानसिक बीमारी को पेन एंजाइटी डिसआर्डर कहते हैं। उन्होंने बताया कि ऐसे हालात में मरीज कोई अन्य प्रकार की परेशानियों का सामना भी करना पड़ सकता है। कोई मरीज पैनिक अटैक का शिकार हो सकता है। अक्सर ऐसे हालात बढ़ने की स्थिति को बर्न आउट की स्थिति भी कहते हैं जबकि तनाव के चलते किसी को नशे की लत लग सकती है। कुछ मामलों में परिवार के सदस्य मरीज के चिड़चिड़ेपन का शिकार होने लगते हैं।ं