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समर्पण के बाद होती है भगवान की प्राप्ति: पंडित राम प्रकाश

Wed, 20 May 2026 08:47 PM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
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शास्त्रीनगर नई ​​सड़क ​स्थित भोलेश्वर मंदिर में कथा सुनाते पंडित राम प्रकाश शास्त्री। संवाद
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भोलेश्वर मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में वामन अवतार और श्रीराम जन्म के प्रसंग सुनाए
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माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। शास्त्रीनगर नई सड़क भोलेश्वर मंदिर में आयोजित श्रीमद्भागवत महापुराण कथा के तीसरे दिवस पर व्यास पीठ से पंडित राम प्रकाश शास्त्री ने भक्त प्रहलाद चरित्र, नरसिंह अवतार, गजेंद्र मोक्ष, समुद्र मंथन, वामन अवतार और श्रीराम जन्म के प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया।

कथा के दौरान पंडित राम प्रकाश शास्त्री ने राजा बलि और भगवान वामन के प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि जब भगवान किसी प्राणी पर विशेष कृपा करते हैं। तो वह उससे तन, मन और धन का समर्पण मांगते हैं। भगवान वामन ने राजा बलि से तीन पग भूमि मांगी। पहले पग में संपूर्ण पृथ्वी और दूसरे पग में आकाश को नाप लिया। तीसरे पग के लिए स्थान न बचने पर राजा बलि ने अपना मस्तक भगवान के चरणों में अर्पित कर दिया और स्वयं को प्रभु के प्रति समर्पित कर दिया।
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कथा व्यास ने कहा कि सच्चे हृदय से तन-मन-धन का समर्पण ही वास्तविक बलिदान है। इसी कारण राजा बलि का दान इतिहास में बलिदान के रूप में अमर हो गया। कथा में यह भी संदेश दिया गया कि निरपराध जीव जंतुओं की बलि देना महा पाप है। अहिंसा परमो धर्मः के सिद्धांत को अपनाते हुए समाज और मानवता के प्रति समर्पण की भावना ही सच्चा धर्म है।

कथा स्थल पर भाजपा नेता आलोक सिसौदिया, अशोक गोयल, श्रीमती राधा गोयल, राजेंद्र गोयल, श्रीमती मनीषा गोयल, अनुज, नमन, शुभम एवं माधव गोविंद रहे।
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