फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बाज नहीं आए पाकिस्तान परस्त, दो छात्रों पर देशद्रोह का मुकदमा

Sun, 17 Feb 2019 03:43 AM IST
राजेश सैनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुरादाबाद
विज्ञापन
रैफ फारुख
विज्ञापन

पुलवामा आतंकी हमले के बाद जब पूरा देश गम और गुस्से में है, ऐसे में दो छात्रों द्वारा वाट्सएप पर पाकिस्तान जिंदाबाद लिखने पर बवाल मच गया। एमआईटी के इन दो छात्रों के खिलाफ बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए। भाजयुमो, अभाविप, शिवसेना आदि संगठनों के सैकड़ों कार्यकर्ता एमआईटी परिसर में पहुंचकर विरोध प्रदर्शन करने लगे। 

विज्ञापन


इस दौरान फायरिंग भी हुई। आरोपी छात्रों में एक कश्मीर के अनंतनाग का निवासी फारूख और दूसरा मुरादाबाद के पाकबड़ा का है। आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने छात्रों को पकड़ा तो वहां कॉलेज के एक प्रोफेसर और दो अन्य कर्मचारी पहुंच गए। किसी तरह मामला शांत हुआ तो हलकी धाराओं में केस दर्ज किए जाने पर प्रदर्शनकारी फिर भड़क गए। 

उन्होंने पीली कोठी चौराहे के पास मुरादाबाद- हरिद्वार हाईवे पर जाम लगा दिया। देर शाम आरोपी छात्रों पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज हुआ। प्रोफेसर अमित देवल सहित तीन को मारपीट का आरोपी बनाया है। इस दौरान पुलिस ने एक आरोपी छात्र मुजस्सम को गिरफ्तार कर लिया है। एमआईटी के प्रवक्ता ने बताया कि पाक समर्थित स्टेटस के मामले में अनंतनाग निवासी रफी फारुख, पाकबड़ा के मुजस्सम गनी और बाहरी लोगों को कैंपस में बुलाने के आरोप में सुमित और निखिल को निलंबित कर जांच कमेटी गठित कर दी गई है। 
विज्ञापन


कमेटी में डीन वेलफेयर विजेंद्र सिंह, निदेशक भानु प्रताप सिंह और निदेशक फार्मेसी सुधांशु रंजन शामिल हैं। सीओ सिविल लाइंस राजेश कुमार ने बताया कि एमआईटी के छात्रों के एक वाट्सएप ग्रुप में शामिल दो छात्रों ने अपने स्टेटस पर पाकिस्तान जिंदाबाद लिख रखा था। इससे छात्रों में गुस्सा भड़क गया। पहले वाट्सएप पर ही बहस हुई। इसके बाद मामले ने तूल पकड़ लिया। 

दोपहर करीब साढ़े बारह बजे गुस्साए लोग बड़ी संख्या में एमआईटी पहुंच गए। सुरक्षाकर्मियों के प्रतिरोध को विफल कर प्रदर्शनकारी कैंपस के भीतर उन छात्रों को तलाशने लगे जिन्होंने पाकिस्तान जिंदाबाद लिखा था। इसी दौरान शिक्षकों, छात्रों और युवकों के बीच हाथापाई और मारपीट हुई। भाजयुमो कार्यकर्ता तुषार के सिर में चोट लगने से माहौल बिगड़ गया। गोलियां चलने की बात भी कही जा रही है। मौके पर पुलिस बल के साथ पहुंचे सीओ राजेश कुमार ने दोनों पक्षों की बात सुनी।

थोड़ी देर बाद भीड़ थाने पर पहुंच गई। एमआईटी में दो घंटे तक हंगामा होता रहा। बाद में भाजपा युवा मोर्चा के महानगर अध्यक्ष धर्मेश सैनी की तहरीर पर सिविल लाइंस पुलिस ने छात्र जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग निवासी रफी फारुख और पाकबड़ा के मुजस्सम गनी के खिलाफ 153 ए केतहत केस दर्ज कर लिया। इस केस में देशद्रोह की धारा नहीं लगाने पर शाम चार बजे पीली कोठी चौराहे पर मुरादाबाद- हरिद्वार हाईवे को जाम कर दिया। 

शाम छह बजे के बाद एसपी ट्रैफिक सतीश चंद्र और एडीएम सिटी राजेंद्र सिंह सैंगर ने जाम स्थल पर पहुंचकर केस में देशद्रोह की धारा बढ़ाए जाने की बात कही, तब जाम हटाया गया। सीओ सिविल लाइंस राजेश कुमार ने बताया कि धर्मेश सैनी के साथ-साथ भाजयुमो के महानगर उपाध्यक्ष रोहित कुमार की तहरीर पर दो छात्रों के खिलाफ देशद्रोह, मारपीट की धाराएं बढ़ाईं हैं। जिसमें रोहित ने लिखा है कि उसे किसी ने बताया कि फेसबुक वाल पर भारत विरोधी और पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाए गए हैं। तहरीर में यह भी आरोप लगाया गया कि कॉलेज परिसर में भी आरोपी छात्रों ने पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाए। 

डीआाईजी जे रविंदर गौड का कहना है कि रिपोर्ट दर्ज हो गई है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। दूसरे छात्र रफी फारुख के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। एमआईटी के शिक्षकों और छात्रों ने पाकिस्तान के समर्थन को कायराना हरकत बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है। प्रवक्ता ने बताया कि पुलिस को सभी दस्तावेज सौंपकर जांच में हर संभव सहयोग किया जा रहा है।

गनी के पिता बोले-बेटा गलत हो तो सजा मिले 

पाकबड़ा उमरी सब्जीपुर गांव निवासी खलील अहमद का कहना है कि उनका बेटा मुजासन गनी गलत है तो उसे सजा मिलनी चाहिए । हमारा परिवार पूरी तरह देश भक्त है। गांव के सभी हिंदू - मुस्लिम  परिवार के सदस्य की तरह रहते है। उनका कहना है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। खलील अहमद उमरी सब्जीपुर में तीस साल से राशन की दुकान चला रहे हैं। मां साबरा बेगम घरेलू महिला है। तीन अन्य बड़े भाई आस्कर, मोहसिन अली, मोइज्जम भी है। पूरा परिवार इस घटना के बाद से परेशान है।

विज्ञापन

आरोपियों के संपर्कों को खंगाल रही है पुलिस

देशद्रोह के आरोप में नामजद कश्मीर के अनंतनाग निवासी रैफ फारुख के आतंकियों से संपर्क तो नहीं हैं। इस बारे में एटीएस ने कश्मीर से संपर्क किया है। वहां से फारुख के परिवार के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। जांच के लिए फारु ख और उसके परिवार के मोबाइल की कॉल डिटेल निकाली जा रही है। एटीएस यह भी जानकारी कर रही है कि मुजस्सम गनी की दोस्ती कितनी गहरी थी और वह  फारुख के साथ कहां कहां गया था। 

कश्मीर तो नहीं गया है। इन जानकारियों को जुटाने के लिए इन सभी के रिश्तेदारों के फोन नंबर भी खंगाले जा रहे हैं। इन सभी जानकारी के  लिए एटीएस की टीम मुरादाबाद आ रही है। यह टीम गनी से पूछताछ करेगी। फारुख के पकड़े जाने पर उससे भी पूछताछ की जाएगी। शनिवार देर रात तक खुफिया एजेंसियों ने भी गनी से पूछताछ की।  पुलिस ने आरोपी को दोपहर में ही हिरासत में ले लिया था।
 
सिविल लाइंस थाने में भीड़ जुटी तो उसे पुलिस घेरे में वहां से निकाल कर दूसरे थाने में भिजवा दिया गया। खुफिया एजेंसियों ने आरोपी छात्र से घंटों पूछताछ की। स्थानीय खुफिया तंत्र के अलावा आईबी की टीम ने भी आरोपी छात्र से घंटों पूछताछ की। देर रात एटीएस के भी मुरादाबाद में पहुंचने की संभावना है। पकड़े गए छात्र से पता किया जाएगा कि उसने पाकिस्तान के समर्थन में ये शब्द क्यों लिखे। उसके मोबाइल की कॉल डिटेल निकलवाई जा रही थी। ताकी पता चल सके कि उससे कौन कौन जुड़े हैं। छात्र और उसके साथी रफी फारूख के बारे में पूरी जानकारी जुटाई जा रही है।

दूसरी ओर इस बवाल और उससे जुड़े मामले की जानकारी शासन को भेज दी गई है। मुरादाबाद में जैसे ही बवाल हुआ। उससे लखनऊ तक हड़कंप मच गया था। इसके बाद डीजीपी कार्यालय से पूरे प्रकरण की पल पल जानकारी ली जाने लगी। शाम को रिपोर्ट दर्ज और मामला शांत होने के बाद भी अफसरों ने फिर से शासन को इस मामले से जानकारी दी गई। बताया गया है कि फारुख कश्मीर का है, उसके मोबाइल  की काल डिटेल लेकर भी जांच की जाएगी। जिससे कि पता चल सकेगा कि उसके आतंकवादियों से संबंध हैं या नहीं हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें