मुरादाबाद। एक तरफ मुरादाबाद-दिल्ली ट्रैक पर दाैड़ती ट्रेनें तो दूसरी ओर मुरादाबाद-सहारनपुर ट्रैक पर रफ्तार भरती ट्रेनें। दोनों रेल लाइनों के बीच मेें फंसी करीब 1500 की आबादी। जो रोजाना जान जोखिम में डालकर या फिर लंबा चक्कर लगाकर आवाजाही करती है। ये हाल है शहर के वार्ड नंबर 20 का है। यहां के लोगों का आरोप है कि बंद रेलवे क्राॅसिंग पर अंडरपास पास हो चुका है लेकिन निर्माण नहीं हो रहा है।
करीब तीन साल पहले तक दिल्ली रोड से कांठ रोड पर जाने का मुख्य रास्ता सिरकोई भूड़ के दोनों रेलवे क्राॅसिंग से होकर गुजरता था। इस रोड पर काफी चहल पहल हुआ करती थी। दिल्ली रेल मार्ग औैर सहारनपुर रेल मार्ग के बीच में जियारत के पास बाजार लगती थी। यहां काफी दुकानें थी। यहां लोगों को जरूरत की सभी समान मिल जाती थी। लेकिन सोनकपुर पुल शुरू होने के बाद दिसंबर 2022 को रेलवे ने दोनों क्राॅसिंग को बंद कर दिया।
फकरीपुरा क्राॅसिंग पर तो रेलवे ने आरसीसी की दीवार खड़ी कर दी है। जबकि सिरकोई भूड़ क्राॅसिंग पर रेलवे ने स्लीपर खड़ी कर दी है। साथ ही पटरी लगा दी है। इससे दोनों क्राॅसिंग के बीच करीब 1500 की आबादी की मुश्किलें बढ़ गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हम न तो इधर के हुए न तो उधर के। बीच मझधार में फंस गए है। काॅसिंग बंद होने से हमारा कारोबार बंद हो गया है। स्कूल, अस्पताल, मस्जिद, क्रबिस्तान, श्मशान सब कुछ सिरकोई भूड़ रेलवे क्राॅसिंग के पार है। रेलवे लाइन कूद फांदकर ही जाना पड़ता है। लोगों का कहना है कि अंडरपास पास है लेकिन निर्माण नहीं हो रहा है। शिकायत करके थक चुके हैं। कोई सुनने वाला नहीं है।
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- यह मामला रेलवे का इंजीनियर विभाग देखता है। संबंधित स्टाफ से अंडरपास के के बारे में जानकारी की जाएगी। - आदित्य गुप्ता, सीनियर डीसीएम
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- यह रेलवे का मामला है। नगर निगम का इससे कोई हस्तक्षेप नहीं है। लोगों की सुविधा के लिए निगम ने वहां सड़क बनवा रखी है। - विनोद अग्रवाल, मेयर
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- मोहल्ले में चार साै घर होंगे। यहां अंडर पास की बहुत जरूरत है। आने जाने में बहुत परेशानी होती है। छोटे बच्चे लाइनपार करके स्कूल आते-जाते हैं। हमेशा हादसा का खतरा बना रहता है। - नादिर हुसैन
- दोनों तरफ की काॅसिंग बंद होने से कारोबार खत्म सा हो गया है। पहले यहां बाजार लगती थी। ग्राहकों ने धीरे-धीरे आना बंद किया तो एक-एक दुकानें बंद होती चली गई। अब चार-पांच दुकानें ही बची हैं। - वसीम अहमद
- एक तरफ फकीरपुरा है और एक तरफ सिरकोई भूड़। बीच में करीब 1500 की आबादी फंस गई है। दोनों ओर की रेलवे क्राॅसिंग बंद है। एक तरफ दीवार खड़ी कर दी गई। ट्रैक पार करके जाना पड़ता है। - आतिफ अली
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- फ्लाईओवर बनने के बाद दोनों क्राॅसिंग बंद कर दी गई। आने जाने में दिक्कत होती है। करीब तीन किमी घूमकर आना पड़ता है। राॅन्ग साइड से आने जाने पर सोनकपुर पुल पर कई हादसे हो चुके हैं। - उबैद
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- स्कूल की वैन अब घर तक नहीं आती है। बच्चों को रेलवे ट्रैक पार करानी पड़ती है। परिवार का एक सदस्य तो इसी काम में लगा रहता है। अंडरपास पास है फिर नहीं बन रहा है। अंडरपास से हमारी समस्या दूर हो जाएंगी। - सूरज
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- जियारत के पास पहले बाजार लगती थी। क्राॅसिंग बंद होने से बाजार खत्म हो गया। श्माशान रेलवे लाइन की दूसरी ओर है। शवयात्रा ले जाने में काफी परेशानी होती है। शिकायत के बाद भी सुनवाई नहीं है। - रोहित
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- हम लोग दोनों क्राॅसिंग के बीच फंस गए हैं। मस्जिद और क्रबिस्तान ट्रैक की दूसरी ओर सिरकोई भूड़ में है। रमजान का महीना चल रहा है। बच्चे-बुजुर्ग ट्रैक पार करके मस्जिद जाते हैं। हमेशा डर बना रहता है। - फहीम
- आने-जाने में खतरा बना रहता है। ट्रैक पर कई हादसे हो चुके हैं। हरथला जाने के लिए सोनकपुर पुल का एक चक्कर लगाना पड़ता है। राॅन्ग साइड से जाइये तो हमेशा हादसे का डर बना रहता है। - विक्की
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- मेरा घर फकीरपुरा में है। मजदूरी करता हूं। ट्रैक पार करके जाना पड़ता है। क्राॅसिंग बंद होने से सिरकोई भूड़ के लोगों को फकीरपुरा जाने के लिए लंबा चक्कर लगाना पड़ता है। - शोभित