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UP: पूजा-पाठ छोड़ इन युवाओं ने पढ़ी नमाज, अपनाए इस्लाम के तौर-तरीके, कई मामलों में एक जैसा पैटर्न-बढ़ाई चिंता

Thu, 02 Jul 2026 03:42 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

West UP Conversion Cases: पश्चिमी उत्तर प्रदेश में धर्मांतरण के आरोपों से जुड़े कई मामले हाल के महीनों में सामने आए हैं। कहीं घर वापसी, कहीं एटीएस की कार्रवाई हुई तो कहीं खौफनाक कदम तक उठा लिए। कई मामलों में पुलिस जांच जारी है। पढ़िए पूरी पड़ताल।

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वेस्ट यूपी में धर्मांतरण के मामले - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पश्चिमी उत्तर प्रदेश में धर्मांतरण के कई मामले हाल के महीनों में सामने आए हैं। धर्मांतरण के आरोपों से जुड़े प्रकरण लगातार चर्चा का विषय बने हुए हैं। सहारनपुर, शामली और मेरठ में सामने आए इन प्रकरणों में परिजनों ने प्रेम संबंधों के बहाने धर्म परिवर्तन कराने का आरोप लगाए। कहीं पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की, कहीं घर वापसी हुई तो कहीं एटीएस की जांच के बाद गिरफ्तारियां भी हुईं।

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इन घटनाओं ने एक नई बहस छेड़ दी है कि क्या ये केस केवल किसी धर्म को अपनाने की अलग-अलग घटनाएं हैं या इसके पीछे कोई नेटवर्क काम कर रहा है। जांच एजेंसियों के सामने कई घटनाओं में बड़ा एक समान पैटर्न उभर रहा है। साथ ही ये सवाल भी खड़े हो रहे हैं कि आखिर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में ये बार-बार क्यों सामने आ रहे हैं। इन मामलों ने यह भी चिंता बढ़ा दी है कि क्या प्यार और मोहब्बत वेस्ट यूपी के युवाओं को धर्मांतरण की राह पर ले जा रही है। हाल ही में सामने आई ऐसी ही कुछ घटनाओं पर आधारित पढ़ें ये रिपोर्ट-

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आयुष मलिक और चांदनी। - फोटो : अमर उजाला
सहारनपुर-गौरव शर्मा प्रकरण में एटीएस की जांच से हुए कई खुलासे
सहारनपुर के नवीनगर निवासी गौरव शर्मा के धर्मांतरण मामले में एटीएस की कार्रवाई के बाद जांच ने नया मोड़ लिया था। पुलिस के अनुसार, इस मामले में तीन आरोपियों राशिद, अजहर और सादिक को गिरफ्तार किया गया। 

आरोप है कि इन लोगों ने गौरव का धर्म परिवर्तन कराने में भूमिका निभाई। एटीएस जांच में यह भी खुलासा हुआ था कि इसके पीछे एक बड़ा नेटवर्क काम कर रहा था। जांच में सामने आया कि इन तीनों युवकों की मास्टरमाइंड बंगलूरु निवासी रेशमा है, जिसने गौरव को नमाज पढ़ने और इस्लाम धर्म के तौर-तरीके सिखाए थे।

रेशमा के इशारे पर ही तीनों आरोपी 18 से 21 साल की उम्र के युवकों या युवतियों का ब्रेनवॉश करते थे। इसके बाद उन्हें इस्लाम धर्म अपनाने के लिए प्रेरित करते थे।  जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि क्या ऐसे अन्य युवक-युवतियों तक भी पहुंच बनाई गई थी। 

दुष्यंत उर्फ फैज फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
मेरठ-दुष्यंत की मौत के बाद धर्मांतरण के आरोपों ने खींचा ध्यान
मेरठ की चित्रकूट कॉलोनी निवासी दुष्यंत चाैधरी की आत्महत्या ने भी पूरे प्रदेश का ध्यान अपनी ओर खींचा था।  दुष्यंत उर्फ फैज (25) पुत्र स्वर्गीय संजीव चौधरी ने 2 फरवरी 2023 को सुबह चार बजे पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी।  

परिजनों का आरोप था कि मुस्लिम युवती से प्रेम विवाह के बाद उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया जा रहा था। इसी मामले में पत्नी, साले और अन्य लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने सहित विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई गई। परिजनों का आरोप था कि धर्म परिवर्तन कराने के दबाव में उसने यह कदम उठाया।

दुष्यंत उर्फ फैज फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
दुष्यंत की बहन की शादी थी। इस शादी में बहन की दोस्त फरहा भी पहुंची। दुष्यंत की फरहा से मुलाकात मोहब्बत में बदल गई। लेकिन दुष्यंत को शायद इस बात का अंदाजा नहीं था कि ये मोहब्बत ही उसे मौत के रास्ते पर लेकर जा रही है। फरहा से मुलाकात के बाद से जैसे दुष्यंत की जिंदगी बदलने लगी। उसने यहां तक कि अपनी बहन और जीजा से भी रिश्ता खत्म कर लिया।

हिंदू त्योहार छोड़े, इस्लाम को मानने लगा था दुष्यंत
दुष्यंत के परिजनों को धक्का उस वक्त लगा जब उसने मुस्लिम धर्म के रीति-रिवाजों को मानना शुरू कर दिया। उनके धर्म के त्योहारों को मनाने लगा और सिर पर टोपी पहनना शुरू कर दिया। फरहा से संपर्क के बाद वह गुमसुम रहने लगा था और रक्षाबंधन और भाईदूज जैसे त्योहार मनाना भी बंद कर दिया था। जो लोग उसे फरहा का साथ छोड़ने की बात करते थे तो वह उनसे नाराज हो जाता था। 

परिजनों का कहना था कि दुष्यंत ने अपने पारिवारिक और धार्मिक व्यवहार में बदलाव कर लिया था। बाद में सामने आया कि प्रेम विवाह के बाद उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया जा रहा था, ऐसे में उसने ये कदम उठाया। हालांकि इस मामले में जांच अभी पूरी नहीं हुई है।

आयुष मलिक - फोटो : अमर उजाला
शामली-आयुष मलिक मामला बना राष्ट्रीय चर्चा का विषय
हाल ही में शामली निवासी आयुष मलिक का मामला पूरे देश में चर्चा का विषय बना। स्वामी यशवीर महाराज ने चार जून को आयुष मलिक के धर्मांतरण का मुद्दा सार्वजनिक रूप से उठाया था। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। आरोप था कि चांदनी कुरैशी नाम की युवती ने आयुष को अपने प्यार के जाल में फंसाकर धर्म परिवर्तन करा दिया था। छह जून को आयुष के पिता देवराज मलिक की तहरीर पर शहर कोतवाली में कई नामजद और दो अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। 

पुलिस अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। वहीं आयुष के घर से एक चाकू, डायरी जिसमें लिखा था-'आई एम ऑन ए मिशन', एक मौलाना की फोटो व दो मोबाइल बरामद हुए हैं। पुलिस इन्हें कब्जे में लेकर जांच पड़ताल में जुटी है, फरार मौलाना की तलाश जारी है।

बाद में आयुष ने सार्वजनिक रूप से अपने पुराने धर्म में वापस लौटने की घोषणा की और मौन व्रत धारण किया। वह पंद्रह दिन के मौन व्रत पर है। इस मामले में पुलिस अब तक कई आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है जबकि कुछ अन्य की तलाश जारी है।  

आयुष को आशीर्वाद देतीं दादी और पूजा करता आयुष। - फोटो : अमर उजाला
शामली-अब कार्तिक मामले ने बढ़ाई हलचल
आयुष मामले के बाद अब शामली के खेड़ाभाऊ गांव निवासी कार्तिक का मामला भी चर्चा में है। युवक के परिजनों ने आरोप लगाया है कि उसे प्रेम संबंधों के बहाने परिवार से अलग किया गया और धर्म परिवर्तन कराया गया। उन्होंने पुलिस प्रशासन को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है।

स्वामी यशवीर महाराज ने भी इस मामले को सार्वजनिक करते हुए आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। दूसरी ओर पुलिस का कहना है कि मामले की जांच कराई जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।

कार्तिक के धर्मांतरण की शिकायत करने पहुंची मां - फोटो : अमर उजाला
जांच में कई बार सामने आए समान पैटर्न?
इन मामलों में कई समान आरोप सामने आए हैं जिनमें एक जैसी कड़ियां सामने आईं हैं। जैसे प्रेम संबंधों के जरिए संपर्क बनने के आरोप। परिवार से दूरी बढ़ने के दावे। निकाह के लिए धर्म परिवर्तन का दबाव। परिजनों द्वारा पुलिस में शिकायत। प्रॉपर्टी के लिए धर्मांतरण के आरोप। कई बार पुलिस और एटीएस की जांच तक भी ये मामले पहुंचे। हालांकि हर मामले की परिस्थितियां अलग हैं और जांच एजेंसियां प्रत्येक प्रकरण की स्वतंत्र रूप से जांच कर रही हैं। इसलिए किसी भी मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने और न्यायालय की प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश क्यों बना चर्चा का केंद्र?
सहारनपुर, शामली और मेरठ जैसे जिलों से लगातार ऐसे मामले सामने आने के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश में धर्मांतरण के आरोपों को लेकर सामाजिक और राजनीतिक बहस तेज हो गई है।
कुछ मामलों में पुलिस ने कार्रवाई की है, कुछ में एटीएस जांच कर रही है और कुछ मामलों में केवल शिकायतों के आधार पर जांच जारी है। हालांकि जांच एजेंसियों की रिपोर्ट और कार्रवाई के बाद ही इन मामलों की पूरी तस्वीर साफ होगी, लेकिन इस तरह के बढ़ते मामले सवाल जरूर खड़े कर रहे हैं।
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फेसबुक पर दोस्ती और लव जिहाद के ये मामले भी रहे चर्चित
केस-1
दौराला के लोइया गांव निवासी साकिब ने अपना नाम अमन बताकर लुधियाना की युवती (24) को प्रेम जाल में फंसाया। मई 2019 में आरोपी ने युवती से शादी की। लेकिन जब युवती को उसकी असलियत पता चली तो आरोपी ने उसकी हत्या कर शव अपने खेत में दबा दिया। पुलिस की जांच में सामने आया था कि साकिब की युवती से फेसबुक पर दोस्ती शुरू हुई थी। 

केस-2
मुंडाली थाना क्षेत्र के अजराड़ा निवासी वसीम ने दिनेश रावत नाम से फर्जी आधार कार्ड और कागज बनवाए। शहर के एक हॉस्पिटल में नौकरी की और हापुड़ निवासी युवती से दो साल तक दुष्कर्म किया। उसके बाद आरोपी ने जबरन धर्म परिवर्तन कराने की कोशिश की। यह दोस्ती भी दोनों में फेसबुक पर शुरू हुई थी। 7 जून 2019 को मुंडाली पुलिस ने केस दर्ज किया था।

केस-3
लिसाड़ीगेट क्षेत्र निवासी फैसल ने बुलंदशहर की युवती से फेसबुक पर दोस्ती की। अपना नाम छिपा कर युवती को मेरठ लाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया। 2 माह तक बंधक बनाकर उत्पीड़न किया। मामला खुलने पर पुलिस ने फैसल को जेल भेजा। 

केस-4
जनवरी 2013 में शास्त्रीनगर में एक युवती की हत्या कर दी गई थी। इस दौरान मौके पर लिसाड़ी गेट निवासी दूसरे वर्ग का युवक भी मौजूद था। लेकिन पुलिस ने इस युवक को बचाते हुए युवती के पिता को जेल भेज दिया था। इस युवक की दोस्ती भी फेसबुक से शुरू हुई थी। 

केस-5
अप्रैल 2017 में शोएब कुरैशी निवासी लावड़ ने नेहा और उसकी मां सुमनलता की हत्या कर शव जला दिए थे। लव जिहाद को लेकर इस मामले में जमकर बवाल हुआ था। 
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