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Meerut News: आज होगी शहर में बच्चों का जीवन बचाने को ट्रेनिंग

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- आज मेडिकल, जिला महिला अस्पताल समेत पांच स्थानों पर होगी ट्रेनिंग
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माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। देश में प्रति एक हजार बच्चे पैदा होने पर इनमें 22 बच्चे मर जाते हैं। बच्चों के पैदा होते ही शुरुआती एक मिनट गोल्ड मिनट होता है। इसमें बच्चों को सांस लेने में दिक्कत होती है, जिसमें आर्टिफीशियल सांस देकर उनकी जान बचाई जा सकती है। रविवार को जिला महिला अस्पताल, मेडिकल समेत शहर में पांच स्थानों पर ट्रेनिंग दी जाएगी। नेशनल नियोनेटेनोलॉजी फोरम (एनएनएफ) के सचिव बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर अमित उपाध्याय ने ये न्यूटीमा अस्पताल में पत्रकारवार्ता में बताई।
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उन्होंने बताया कि एनएनएफ के अध्यक्ष डॉक्टर लल्लन कुमार भारती और उनके संयोजन में ट्रेनिंग सुबह 9.30 से 12.30 बजे तक ट्रेनिंग होगी। उन्होंने कहा कि कई बार बच्चों में जन्म लेते समय हॉस्पिटल में संक्रमण, सांस में दिक्कत आदि परेशानी होती है। ट्रेंड लोग इसे दूर कर सकते हैं। मेडिकल कॉलेज की बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ अनुपमा वर्मा ने बताया कि इस ट्रेनिंग से 20 से 25 हजार लोगों को 1100 सेंटर में ट्रेंड किया जाएगा। मेरठ में उप्र में सबसे ज्यादा रजिस्ट्रेशन हुए हैं। इसमें देशभर में 1100 सेंटर में 23 हजार के रजिस्ट्रेशन हुए हैं। मेडिकल में 50 और जिला अस्पताल में 55 लोग ट्रेंड होंगे। ट्रेनिंग पास करने वालों को सर्टिफिकेट मिलेंगे। डॉक्टर प्रियंका ने कहा कि बच्चे जन्म लेनेंके बाद स्वस्थ रहें इसके लिए अस्पताल में जाकर ही डिलीवरी कराएं। हर तीन महीने में मां का चेकअप किया जाए ताकि बीमारी की शुरुआत में ही पकड़ा जा सकेगा। इस बार छोटे छोटे क्षेत्रों में भी ट्रेनिंग प्रोग्राम किए जा रहे हैं। इस बार अस्पताल में चिकित्सक के साथ ही नर्स भी ट्रेंड की जाएंगी। मेरठ में 200 से अधिक लोग पांच स्थानों पर ट्रेनिंग लेंगे।
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