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मेरठ: अवैध वसूली के मामले में निलंबित दरोगा आरिफ को तीसरा नोटिस, अब तक नहीं दिए बयान

Wed, 04 Nov 2026 11:01 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

मेरठ में फर्नीचर कारोबारी को बंधक बनाकर अवैध वसूली के मामले में निलंबित दरोगा आरिफ ने अब तक बयान नहीं दिए। पुलिस ने तीसरा नोटिस जारी किया है।

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- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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मेरठ में साइबर फ्रॉड के नाम पर नोएडा के फर्नीचर कारोबारी को थाने में बंधक बनाकर प्रताड़ित करने और लाखों रुपये की अवैध वसूली के आरोपों की जांच में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। मामले में मुजफ्फरनगर के खतौली थाने में तैनात निलंबित दरोगा आरिफ अब तक बयान दर्ज कराने नहीं पहुंचे हैं। उन्हें तीसरा नोटिस जारी किया गया है। उधर, अन्य आरोपी पुलिसकर्मियों, साइबर कैफे संचालक और पीड़ित कारोबारी के बयान एसपी सिटी कार्यालय में दर्ज हो चुके हैं। पुलिस को अब कारोबारी की लिखित तहरीर का इंतजार है।

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आरिफ को तीसरा नोटिस, बाकी सभी के बयान दर्ज
जांच के तहत लिसाड़ी गेट थाने के निलंबित दरोगा अंकित सागर, हेड कांस्टेबल नीरज कुमार, साइबर कैफे संचालक शादाब राव और पीड़ित कारोबारी शाहिद चौधरी अपने बयान दर्ज करा चुके हैं। केवल खतौली के निलंबित दरोगा आरिफ के बयान दर्ज होना बाकी हैं।

मामले में तत्कालीन एसओ लिसाड़ी गेट दलवीर सिंह को लाइन हाजिर किया जा चुका है, जबकि अन्य संबंधित पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है। आरिफ को बयान दर्ज कराने के लिए तीसरा नोटिस भेजा गया है। यदि वह इस बार भी पेश नहीं होते हैं तो एसएसपी मेरठ के माध्यम से मुजफ्फरनगर के एसएसपी को रिपोर्ट भेजी जाएगी। इसमें उनके खिलाफ सख्त विभागीय और दंडात्मक कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।
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आठ लाख रुपये मांगने और 4.72 लाख वसूलने का आरोप
पीड़ित शाहिद चौधरी के अनुसार, दो अगस्त 2026 को साइबर फ्रॉड की रकम उनके खाते में आने का झांसा देकर उन्हें मेरठ बुलाया गया था। इसके बाद उन्हें लिसाड़ी गेट थाने की हवालात में बंद कर प्रताड़ित किया गया। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उनके और उनकी पत्नी के बैंक खाते फ्रीज कर दिए और छोड़ने के एवज में आठ लाख रुपये मांगे।

शाहिद का आरोप है कि चार अगस्त को 4.72 लाख रुपये लेने के बाद उन्हें छोड़ा गया। उनकी घड़ी और बेल्ट भी वापस नहीं की गई। कारोबारी ने इस पूरे मामले में लिसाड़ी गेट थाने के पास साइबर कैफे चलाने वाले शादाब राव और खतौली के निलंबित दरोगा आरिफ की संलिप्तता का आरोप लगाया है। आरोप है कि आरिफ ने कारोबारी से अलग से भी वसूली की थी।
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तीसरे नोटिस के बाद एकतरफा कार्रवाई की संस्तुति
एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले ने बताया कि पुलिस सर्विस नियमावली के तहत आरोपी को बयान दर्ज कराने के लिए अधिकतम तीन नोटिस दिए जाने का प्रावधान है। तीसरे नोटिस के बाद भी यदि दरोगा आरिफ उपस्थित नहीं होते हैं तो यह माना जाएगा कि उन्हें अपने बचाव में कुछ नहीं कहना है। इसके बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर एकतरफा कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।

फिलहाल पुलिस को पीड़ित शाहिद चौधरी की लिखित तहरीर का इंतजार है। इसके लिए मेरठ पुलिस की टीम नोएडा जाकर उनसे मुलाकात भी कर चुकी है।
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