आठ लाख रुपये मांगने और 4.72 लाख वसूलने का आरोप
पीड़ित शाहिद चौधरी के अनुसार, दो अगस्त 2026 को साइबर फ्रॉड की रकम उनके खाते में आने का झांसा देकर उन्हें मेरठ बुलाया गया था। इसके बाद उन्हें लिसाड़ी गेट थाने की हवालात में बंद कर प्रताड़ित किया गया। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उनके और उनकी पत्नी के बैंक खाते फ्रीज कर दिए और छोड़ने के एवज में आठ लाख रुपये मांगे।
शाहिद का आरोप है कि चार अगस्त को 4.72 लाख रुपये लेने के बाद उन्हें छोड़ा गया। उनकी घड़ी और बेल्ट भी वापस नहीं की गई। कारोबारी ने इस पूरे मामले में लिसाड़ी गेट थाने के पास साइबर कैफे चलाने वाले शादाब राव और खतौली के निलंबित दरोगा आरिफ की संलिप्तता का आरोप लगाया है। आरोप है कि आरिफ ने कारोबारी से अलग से भी वसूली की थी।
तीसरे नोटिस के बाद एकतरफा कार्रवाई की संस्तुति
एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले ने बताया कि पुलिस सर्विस नियमावली के तहत आरोपी को बयान दर्ज कराने के लिए अधिकतम तीन नोटिस दिए जाने का प्रावधान है। तीसरे नोटिस के बाद भी यदि दरोगा आरिफ उपस्थित नहीं होते हैं तो यह माना जाएगा कि उन्हें अपने बचाव में कुछ नहीं कहना है। इसके बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर एकतरफा कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।
फिलहाल पुलिस को पीड़ित शाहिद चौधरी की लिखित तहरीर का इंतजार है। इसके लिए मेरठ पुलिस की टीम नोएडा जाकर उनसे मुलाकात भी कर चुकी है।