मेरठ। शारदा रोड स्थित महावीर जयंती भवन में शनिवार को आचार्य विमर्श सागर ने धर्म सभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि पूर्व के कर्मों के कारण दुख होता है। व्यापार से धन कमाना भी पूर्व के पुण्य कर्मों का ही फल होता है। कर्म ही हमें स्वर्ग, नर्क या मोक्ष गति में ले जाते हैं। पुण्य के बिना धन का सिक्का भी नहीं चल सकता है। हमें धन के अति लोभ से बचना चाहिए क्योंकि यह हमें गधा बना देगा। अंतिम समय में धन, परिवार नहीं, बल्कि धर्म और गुरु की कृपा से ही कल्याण होता है। कार्यक्रम में सुरेंद्र माला, संजय, विनोद, राकेश, धीरज, राजीव, विपिन सहित अन्य मौजूद रहे। ब्यूरो